मुंबई जाने का दिखावा किया था
छात्रा के पिता ने हत्या के लिए काफी प्लानिंग की थी। वह चाहता था कि हत्या का आरोप बेटी के प्रेमी पर लग जाए। इसलिए उसने अपने मुंबई जाने का ड्रामा रचा। सारी प्लानिंग के बाद शुक्रवार सुबह वह मुबंई जाने की बात कह कर घर से निकला। पत्नी ने रास्ते के लिए खाना बना कर दिया और बेटा साइकिल से उसे शोहरतगढ़ रेलवे स्टेशन पर छोड़ आया। स्टेशन पर उसने पनवेल एक्सप्रेस का टिकट भी लिया, लेकिन ट्रेन नहीं पकड़ी। वह स्टेशन पर ही इधर-उधर घूमता रहा।
सुबह आठ से नौ बजे के बीच वह चेतिया रेलवे क्रासिंग पर गया और एक ठेले से चावल-छोला खरीदा। छोला खा गया और चावल अपने बैग में रख लिया। फिर स्टेशन आ गया। सुबह करीब 11 बजे उसने बेटी के प्रेमी को रेलवे स्टेशन पर आते देखा। उसे लगा कि वह उसकी बेटी से मिलने रेलवे स्टेशन आया है। लेकिन जब प्रेमी ने उसे देखा तो वह बिना रुके वहां से चला गया।
दिन में करीब 12 बजे उसकी बेटी परीक्षा देकर विद्यालय से रेलवे स्टेशन होते हुए घर जा रही थी। उसने बेटी को रोक लिया और बात करते हुए चेतिया मोड़ गया। वहां से ऑटो से पूजा चढ़ाने के नाम पर योग माता मंदिर जोगिया उदयपुर ले गया। पिता के अनुसार, वह चाहता था कि शाम हो जाए ताकि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने में आसानी हो। इसलिए समय काटने के लिए वह पूजा पाठ के बाद इधर-उधर घूमता रहा। कुछ देर बाद बेटी के साथ ऑटो से नौगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचा।
वहां से मेमू ट्रेन से देर शाम करीब 7:30 बजे शोहरतगढ़ पहुंचा और पैदल ही बेटी के साथ गांव के लिए चल दिया। लेकिन घर न जाकर गांव से पहले स्थित सरकारी स्कूल के पीछे के बाग में ले गया। वहां फिर उसने बेटी को समझाने की कोशिश की कि वह लड़के से मिलना बंद कर दे, लेकिन उसने फिर मना कर दिया और कहा कि वह उससे मिलती रहेगी। इस पर क्रोध आ गया और मफलर से उसके दोनों हाथ बांध कर गला दबा कर उसे मार दिया।
उल्टी दिखाने इसके लिए चावल घोल कर गिराया
पिता ने बताया कि हत्या के बाद उसने बेटी के गाल पर चिकोटी काटकर चेक किया कि कहीं व जिन्दा तो नहीं है। इत्मिनान होने पर सुबह खरीदे चावल को पानी में घोलकर बेटी के मुंह के पास गिरा दिया। ताकि लोगों को लगे कि जहर खाने के बाद उसने उल्टी की है और जहर खिलाने का शक उसके प्रेमी पर चला जाए।
हत्या के बाद वह घर न जाकर वहीं से वापस रेलवे स्टेशन शोहरतगढ़ गया और सुबह 5 बजे इंटर सिटी ट्रेन पकड़ कर लखनऊ चला गया। बेटी की मौत की सूचना पर उसने पत्नी को थाने जाकर उसके प्रेमी के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज कराने को कहा तथा लखनऊ से वापस आ गया। लखनऊ से लौट तो आया पर पकड़े जाने के डर से इधर उधर छिपकर रह रहा था, लेकिन सोमवार को पुलिस ने पकड़ लिया।
पर्दाफाश करने वाली टीम को मिला 25 हजार इनाम
हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम के सदस्य प्रभारी निरीक्षक राज कुमार पांडेय, निरीक्षक रवीन्द्र कुमार सिंह, एसओजी शेषनाथ यादव, सर्विलांस सेल प्रभारी सुरेन्द्र सिंह, एसआई अशोक कुमार, आरक्षी राजीव शुक्ला, आशुतोष धर द्विवेदी, छविराज यादव, जर्नादन प्रजापति, हिन्दे आजाद, विवेक को पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने 25 हजार रुपये इनाम दिया है।