उसका के खजुरडाड में डिप्टी सीएम के आगमन पर निरीक्षण करते डीएम और एसपी।
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सिद्धार्थनगर। सूबे के डिप्टी सीएम और पीडब्लूडी मंत्री केशव प्रसाद मौर्य आज जिले में आ रहे हैं। सिद्धार्थनगर में उनका यह पहला कार्यक्रम है लिहाजा उम्मीदें बेशुमार हैं। आशाएं इसलिए भी प्रबल हैं, क्योंकि जिले की बदहाली को दर्शाती सड़कों की सेहत सुधारने का विभाग उन्हीं के अधीन है। सिद्धार्थनगर के पिछड़ेपन के लिए लोग खराब सड़कों को हमेशा से जिम्मेदार मानते आ रहे हैं। मुख्य मार्ग से लेकर लिंक मार्ग तक की तस्वीर बदसूरत है। कई सड़कों पर तो यह अनुमान लगा पाना मुश्किल होता है कि सड़क में गड्ढा है या गड्ढों को ही सड़क बना दिया गया।
खराब सड़कें यहां शुरू से ही बड़ा मुद्दा हैं। हर चुनाव में इनकी दशा सुधारने के वादे होते हैं, मगर चुनाव बीतते ही नतीजा सिफर होता है। राहगीर इन सड़कों पर यात्रा करते आजिज हो चुके हैं। दर्जनों लोग जान गंवा चुके हैं और तमाम राहगीर बीमारी के कारण बिस्तर पकड़ चुके हैं। नेपाल से सटे जिले में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन की अपार संभावनाओं को खराब सड़कों के कारण ही बल नहीं मिल पा रहा। नेशनल हाईवे-730 और 233 वर्षों से निर्माणाधीन हैं।
इसकी सुस्त गति विकास पर भी पूरी तरह ब्रेक लगाए हुए है। सूबे में योगी सरकार के सत्ता संभालते ही 15 जून तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने की घोषणा पर सबसे ज्यादा आह्लादित इस जिले के लोग हुए थे, मगर 15 अक्टूबर बीतने के बाद भी अधिकांश सड़कों के गड्ढे जस-के- तस हैं। जिम्मेदार संस्थाएं बजट का रोना रो रही हैं और अफसर व्यवस्था को दोष दे रहे हैं। गड्ढामुक्त सड़कों पर जानलेवा सफर से आजिज जिले के लोगों में डिप्टी सीएम के तौर पर पीडब्लूडी मंत्री के आगमन ने बड़ी उम्मीदें जगाई हैं। बुद्ध भूमि के सड़कों की ओर डिप्टी सीएम की नजरें इनायत हों तो यह क्षेत्र भी विकास की दौड़ में आगे बढ़ सकेगा।