जिस देश की सभ्यता, संस्कृति व अर्थव्यवस्था का नाश होता है वो देश कभी भी विकास की राह पर नहीं जा सकता। जनपद में शासन व प्रशासन की मिलीभगत से राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को गति मिलेगी तो प्रदेश व देश को भी संकट का सामना करना पड़ेगा।
हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं को जनपद में हो रही राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए इसकी सूचना संगठन के पदाधिकारियों को देनी होगी। ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए हियुवा कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर कार्य करना होगा।
ये बातें हिंदु युवा वाहिनी के प्रदेश प्रभारी राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने हियुवा की एक बैठक में कही। वे बढ़नी क्षेत्र के तुलसियापुर चौराहे पर स्थित पं. बाबूराम शुक्ल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज शुक्लागंज में आयोजित बढ़नी ब्लॉक के हियुवा कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों की एक बैठक को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रति माह हियुवा की ब्लॉक स्तरीय बैठक नियमित रूप से होनी चाहिए। सात अप्रैल को हिंदू नववर्ष की पूर्व संध्या पर हिंदुओं को दीपदान करना चाहिए। साथ ही उन्होंने मौजूद कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों का आह्वान किया कि आठ अप्रैल को नववर्ष के अवसर पर उसे विशेष रूप से समारोह आयोजित करना होगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीति यूपीए सरकार ने हिंदू धर्म से 2011 के जनगणना में आदिवासियों को अलग करना एक षड़यंत्र का हिस्सा है। हिंदू युवा वाहिनी को इस षड़यंत्र का पर्दाफाश करना होगा।
बैठक को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि देवीपाटन मंडल प्रभारी सुभाष गुप्ता ने कहा कि हिंदू युवा वाहिनी की जनपद में एक अलग पहचान है। संगठन की मजबूती से हिंदू समाज व देश मजबूत होगा। आज पूरा समाज हिंदू युवा वाहिनी की ओर आशा से देख रहा है।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला प्रभारी श्यामधनी राही ने कहा कि लगातार बैठकों के होने से कार्यकर्ताओं में उत्साह की कमी नहीं होती है। बैठक हर माह होनी चाहिए। जिला संयोजक उमेश पांडेय ने कहा कि किसी भी संगठन की प्रगति में अनुशासन की जरूरत होती है।
बैठक को जिला महामंत्री अजय सिंह,वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकृपाल चौधरी, फूलचन्द अग्रहरि, संजय मिश्रा, मनोज पांडेय ने भी संबोधित किया। बैठक की अध्यक्षता बढ़नी ब्लॉक के अध्यक्ष विजय सिंह चौधरी व संचालन जिला उपाध्यक्ष भानप्रताप सिंह ने किया।
इस अवसर पर ब्लॉक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुग्रीम चौधरी, लालू गुप्ता, रामसुंदर चौरसिया, विनय मिश्रा, राणवृक्ष गौतम, सुनील मिश्र, श्रीराम यादव, जयप्रकाश गौतम, तुलसीराम समेत भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।