कूलर की व्यवस्था नहीं, पंखे से आ रही गर्म हवा, परेशान हो रहे मरीज
धूप से आने के बाद अस्पताल में भी नहीं मिल रही राहत
वार्ड में पंखा चल रहा धीमा, कूलर का भी नहीं इंतजाम
प्रशासन का था दवा, अस्पतालों में लू से बचाव का रहेगा मुकम्मल इंतजाम
- पड़ताल में सामने आई हकीकत कहीं कूलर नहीं तो कहीं डोल रहा पंखा, ठंड पानी की भी नहीं है व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। गर्मी चरम पर है और आसमान से आग बरस रही है। वहीं, पछुआ हवा शरीर को झुलसा रही है। तापमान शुक्रवार को 43 डिग्री दर्ज किया गया, जो लू लगाने वाला है। लू के प्रकोप से बचाव केे लिए अस्पतालों में मुकम्मल इंतजाम करने का प्रशासन की ओर से दावा किया था। शनिवार को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज और सीएचसी व पीएचसी की पड़ताल की गई तो हकीकत दावे के दम को निकालने वाली मिली। किसी भी सीएचसी पर न तो कूलर लगा मिला और न ही ओआरएस काॅर्नर पाया गया। गर्मी से निजात के लिए लगा पंखा हिल रहा था। वहीं, पानी के लिए दो स्थानों पर वॉटर कूलर तो लगा मिला, लेकिन पानी ठंड नहीं था। साथ ही साफ-सफाई का अभाव पाया गया। घर से धूप में आने वाले मरीज अस्पताल में भी गर्मी से घुट रहे थे। मरीजों का कहना था कि गर्मी से बाहर भी राहत नहीं है। यहां आने के बाद भी राहत नहीं मिल रहा है।
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मेडिकल कॉलेज : मरीज के हिसाब से व्यवस्था नाकाफी
सुबह लगभग 11 बजे माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। ओपीडी में प्रतिदिन 1000 से 1500 मरीज इलाज के लिए आते हैं। ओपीडी में मरीजों की भीड़ थी। बड़े से हाल में दो तरफ दो कूलर तो लगा था, लेकिन चंद लोगों को ही राहत पहुंचा पा रहा था। बाकी गर्मी से परेशान थे। हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक कक्ष के बाहर लगा पंखा बंद था। यहां बैठी सुमन गर्मी से परेशान थीं। उन्होंने कहा कि कहां जाएं जो पंखा चल भी रहा है, उसकी हवा पहुंच ही नहीं पा रही है। ओपीडी में पंखा तो लगा है, लेकिन बिजली कम होने या फिर सर्विसिंग न होने के कारण उसकी रफ्तार ऐसी थी कि धूप से तपकर आने वाले मरीजों को राहत दे सकें। आगे बड़े जनरल वार्ड की ओर जहां मरीज भर्ती होते हैं। यहां शुद्ध और ठंडे पानी के लिए लगा एक वॉटर कूलर खराब था। एक कुछ दिन पहले ही बना था। वह भी खराब हाल में था। पिपरा निवासी रमेश हाथ में पानी लेकर निकले थे। उनसे पूछा तो बताए भइया ओपीडी गेट से लेकर आ रहे हैं। जनरल वार्ड में कूलर की कोई व्यवस्था नहीं है। पंखे के सहारे मरीज थे। आगे मेडिसिन वार्ड की गैलरी में कुछ लोग बैठे थे, जो गर्मी से परेशान थे। यहां लगी ऐसी बहुत पहले खराब हो चुकी है। पंखा भी बंद था, मरीजों के साथ आए उनके परिवार के लोग परेशान थे। इमरजेंसी में भीड़ थी, यहां चार पंखा लगा हुआ है, लेकिन दो की हालत खराब है। ऐसी भी खराब पड़ी हुई है। कूलर की व्यवस्था है नहीं। ऐसे में हिलने वाले पंखे से मरीजों को राहत देने की कोशिश देखी गई। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा की मरीज ठीक होने के बजाए गर्मी से और बीमार हो जाएगा।
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सीएचसी सिरसिया : पानी की व्यवस्था न ओआरएस का कॉर्नर
भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के सीएचसी सिरसिया में क्षेत्र के करीब ढाई लाख के आबादी के स्वास्थ्य का जिम्मा है। यहां प्रतिदिन 150-200 मरीज इलाज के लिए आते हैं। यहां मरीजों को पेयजल के लिए परिसर में एक देसी हैंडपंप लगा, जिसका पानी पीना लोगों की मजबूरी है। अस्पताल के एक कोने में लगा आरओ फ्रीजर भी कभी कभार चलता है। अस्पताल में ओआरएस कॉर्नर भी नहीं है। अस्पताल में बने ईटीसी वार्ड जहां जई व एईएस के बच्चों को भर्ती किया जाता है। वहां एसी या कूलर की कोई सुविधा नहीं है। अस्पताल में बने वेटिंग हाल में एक पंखा लगा है, जो खराब है।
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सीएचसी तिलौली : कूलर नहीं, पंखा भी चलता है धीमा
बांसी तहसील क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिलौली में क्षेत्र के दो लाखों की आबादी के इलाज का जिम्मा है। गर्मी और लू के कारण मरीजों की संख्या बढ़ गई है। प्रतिदिन लगभग 150-200 मरीज आते हैं। अस्पताल में लू के मरीजों के लिए दो बेड आरक्षित है। एक वॉटर कूलर लगा है, जिससे पानी आता तो है, लेकिन कभी-कभी बंद रहता है। लू से राहत के लिए कूलर और एसी की कोई व्यवस्था नहीं है। पंखा तो लगा है, लेकिन वोल्टेज कम होने से हिलता है। । ओआरएस कॉर्नर की व्यवस्था नहीं है। चिकित्सक ने बताया कि मरीजों को ओआरएस का पाउडर दिया जाता है।
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सीएचसी बेंवा : कूलर नहीं, छोटी गैलरी मेें गर्मी से घुटता है दम
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेंवा में डुमरियागंज क्षेत्र की डेढ़ लाख की आबादी के इलाज का जिम्मा है। अस्पताल में लू के मरीज आ रहे हैं। लेकिन बचाव के इंतजाम नाकाफी हैं। अस्पताल में कूलर की व्यवस्था नहीं है। मरीजों को पंखों के सहारे गर्मी से निपटना पड़ रहा है। लू वार्ड बनाया गया है। लू से मरीज प्रत्येक दिन दो से तीन आते हैं। बाकी सामान्य मरीजों की संख्या 150 से 175 तक आते है। मरीज के पीने के लिए वॉटर कूलर लगा है। पानी तो ठंड रहा है, लेकिन यहां गंदगी है। गैलरी में आने के बाद मरीजों का गर्मी से दम निकलता है। कारण पंखा बहुत राहत नहीं दे पा रहा है। ओआरएस कॉर्नर भी नहीं है।
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पीएचसी नगर : पंखा न कूलर, पानी भी मिल रहा गरम
नगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत और बदतर है। शनिवार को अस्पताल पर पहुंच तो यहां एसी और कूलर की बात तो दूर की है। पंखा का भी इंतजाम नहीं है। प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती किए जाने वाले मरीज गर्मी से परेशान हो रहे हैं। परिसर में पेयजल के लिए लगा हैंडपंप खराब है। नगर पालिका की ओर से लगाया गया, वॉटर कूलर ठंड के बजाय गरम पानी दे रहा है। यहां मरीज के साथ स्वास्थ्यकर्मी भी परेशान हैं। इलाज के लिए पहुंचे परसा महापात्र निवासी महेश और रोवांपार गांव निवासी संजय ने कहा कि शहर का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है और सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है। इस गर्मी में शुद्ध पानी तक की व्यवस्था नहीं है।
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लू से बचाव के लिए अस्पताल में ओआरएस का घोल पिलाने की कोई व्यवस्था नहीं है। बाहर गर्मी से परेशान होकर मरीज आता है। लेकिन यहां भी राहत नहीं मिल पा रही है। पंखा सही से चलता नहीं, कूलर की कोई व्यवस्था ही नहीं है।
-राना चौधरी
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सुबह करीब 11 बजे सिरसिया सीएचसी पर पहुंचे। तेज धूप में आने बाद प्यास लगी तो परिसर में स्थित कैंटीन से पानी खरीद कर पिया है। यहां न तो पानी की व्यवस्था ही और न ही गर्मी से राहत के लिए कूलर और अच्छा पंखा।
-फेरई, निवासी पटखौली माफी
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सभी अस्पतालों में लू से बचाव के इंतजाम के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल पर ओआरएस कॉर्नर के साथ ही लू वार्ड, शुद्ध पेयजल और गर्मी से बचाव के लिए पंखा आदि की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। अगर ऐसा नहीं है तो जांच की जाएगी। खामियां मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ
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पेयजल की व्यवस्था की गई है, अगर खराब हो गया तो सही करवा दिया जाएगा। एसी खराब होने के संबंध में जानकारी है, उसे सही करवाया जाएगा। ओपीडी में कूलर लगा हुआ है। जो पंख नहीं चल रहा है उसको भी दिखाकर सही करा दिया जाएगा। लू वार्ड बना है। अस्पताल में दवाएं भी पर्याप्त मात्रा में हैं।
-डॉ. एके झा, प्राचार्य, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज
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श्याम सुंदर तिवारी
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