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नजदीकी मुकाबले में अटकी रहीं प्रत्याशियों की सांसें

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नजदीकी मुकाबले में अटकी रहीं प्रत्याशियों की सांसें
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सिद्धार्थनगर। जिले की पांच विधानसभा सीटों के लिए बृहस्पतिवार को हुई मतगणना के बाद तीन सीटें भाजपा गठबंधन के खाते में गईं तो दो पर सपा ने कब्जा किया। पिछले विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर कब्जा करने वाले भाजपा गठबंधन को इस बार दो सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। जिन दो सीटों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा, वहां लड़ाई इतनी कड़ी थी कि परिणाम आने तक सबकी सांसें अटकी रहीं।
डुमरियागंज विधानसभा सीट का परिणाम एक बार फिर रोमांचक रहा। पिछले चुनाव की तरह इस बार भी भाजपा प्रत्याशी राघवेंद्र प्रताप सिंह और सपा के टिकट से सैय्यदा खातून आमने-सामने थीं। हर चरण की मतगणना में इतना नजदीकी मुकाबला बनता रहा कि सबकी सांसें अटकी रहीं। शुरुआती 12 चरणों तक भाजपा ने मामूली वोटों से बढ़त बनाए रखी लेकिन उसके बाद सपा आगे हो गई। सपा इस बढ़त को 19 चरणों की गणना तक ले गई, लेकिन उसके बाद एक बार फिर वापसी करते हुए भाजपा आगे हो गई। भाजपा इस बढ़त को बरकरार रखने में ज्यादा समय तक कामयाब नहीं रही और 22वें चरण में फिर पिछड़ गई और फिर कभी आगे नहीं आ पाई। बावजूद इसके, वोटों का अंतर इतना कम था कि आगे के सारे चरणों की गिनती तक दोनों प्रत्याशियों और समर्थकों का ब्लड प्रेशर बढ़ता रहा। यह सिलसिला आखिरी चरण तक चला और तब जाकर जीत-हार का परिणाम तय हो पाया। सपा प्रत्याशी सैय्यदा खातून, भाजपा प्रत्याशी राघवेंद्र प्रताप को हराने में सफल रहीं। इटवा विधानसभा सीट पर सपा प्रत्याशी और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय नजदीकी मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी और बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी को हरा दिया। मतगणना के हर चक्र में कांटे की लड़ाई बनी रही। तीन चरणों तक सपा ने बढ़त बनाई और उसके बाद भाजपा ने सपा को पिछाड़ा, लेकिन भाजपा यह सिलसिला देर तक बनाए रखने मेें कामयाब नहीं रही। 10वें चरण की मतगणना पूरी होने पर एक बार फिर सपा प्रत्याशी आगे हो गए और निरंतर आगे बने रहे। हालांकि, इस दौरान दोनों के मतों में इतना कम अंतर रहा कि प्रत्याशियों के साथ समर्थकों की सांसें अटकी रहीं। आखिरकार, जीत का सेहरा सपा प्रत्याशी के सिर बंधा। शोहरतगढ़ विधानसभा सीट से भाजपा के सहयोगी अपना दल प्रत्याशी विनय वर्मा ने सपा के सहयोगी दल सुभासपा प्रत्याशी प्रेमचंद्र निषाद को शिकस्त देकर जीत दर्ज की। शुरुआती दो चरणों की मतगणना में पिछड़ने के बाद विनय वर्मा ने बढ़त बनानी शुरू की और अंत तक उसे बनाए रखा। कपिलवस्तु सीट बरकरार रखते हुए भाजपा प्रत्याशी श्यामधनी राही ने सपा के विजय पासवान को हराया। 14 राउंड की मतगणना तक सपा प्रत्याशी से वह पीछे रहे और उसके बाद बढ़त बनानी शुरू की। गणना की समाप्ति तक अंतर बढ़ता रहा और सपा प्रत्याशी को बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा। भाजपा प्रत्याशी श्यामधनी राही ने इस सीट पर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। कमोबेश यही हाल बांसी विधानसभा का भी रहा। यहां भाजपा के टिकट से स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मतगणना के आरंभ से लेकर अंत तक सपा प्रत्याशी नवीन उर्फ मोनू दूबे पर दबदबा बनाए रखे। बड़े अंतर से जीत दर्ज करने के बाद उन्होंने बांसी सीट से रिकार्ड आठ बार चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बनाया।
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डुमरियागंज में रही कांटे की टक्कर
डुमरियागंज। विधानसभा चुनाव में डुमरियागंज में कांटे की टक्कर रही। इस बार भी अंतिम दौर तक अनुमान लगाना मुश्किल था कि भाजपा के राघवेंद्र प्रताप सिंह की दूसरी पारी शुरू होगी या सपा की सैयदा खातून का विधायक बनने का सपना पूरा होगा।
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वर्ष 2017 में विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह 171 मत चुनाव जीते थे, प्रदेश में सबसे कम मत से जीत-हार के कारण यह सीट चर्चा में आ गई थी। इसके पहले वर्ष 2012 पीस पार्टी के मलिक कमाल यूसुफ 1589 मतों से चुनाव जीते थे, जबकि वर्ष 2007 में सैयदा खातून के पिता तौफीक अहमद 973 मतों से बसपा के टिकट पर चुनाव जीते थे।
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