डुमरियागंज क्षेत्र के हल्लौर में आयोजित जश्ने ईदउलमिलादुन्नबी कार्यक्रम को संबोधित करते मौलाना
डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के हल्लौर कस्बा स्थित बारगाह ए अबू तालिब में हुसैनी फाउंडेशन के तत्वाधान में मंगलवार की रात जश्न ए मिलाद उल नबी का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें शायरों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शान में कलाम और कसीदे पढ़े। जाकिर और मौलाना ने हजरत मोहम्मद की जिंदगी और किरदार पर विस्तार से रोशनी डालकर उनके नेकी, भलाई के पैगाम को आम किया। जश्ने ईद उल मिलादुन्नबी कार्यक्रम की शुरुआत कारी शकील हैदर के तिलावत ए कलाम पाक से हुई। इसके बाद नात ए पाक इमामिया मकतब के छात्रों ने पेश किया। वहीं, बस्ती से आए सुहेल बस्तवी, फसाहता जौनपुरी और शुजा उतरौलवीं ने अपना कलाम पेश किया।
इसके अलावा स्थानीय शायरों में अम्मार हल्लौरी, हसन जमाल, बेताब हल्लौरी, आलम, हानी, खुलूस, लकी हल्लौरी, कायनात तथा मंजू , मेराज आदि ने अपने अपने अंदाज़ में कलाम पेश किया। कार्यक्रम के अंत में मौलाना शहकार हुसैन जैदी, मौलाना अली अब्बास, मौलाना मोहम्मद अब्बास शरिब, जाकिर जमाल हैदर, अजीम हैदर ने अपनी तकरीर में पैगंबर हजरत मोहम्मद की जिंदगी पर विस्तार से रोशनी डाली।
मौलाना ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद ने दुनिया को नेकी, भलाई और अच्छाई के रास्ते पर चलने की ना सिर्फ नसीहत दी, बल्कि अपनी पूरी जिंदगी हमेशा अच्छाई, भलाई और मानवता शांति के लिए गुजार दी। ै