फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गरीबदास का जिला पंचायत अध्यक्ष बनना तय

Sat, 02 Jan 2016 12:02 AM IST
अमर उजाला/सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। गरीबदास जिले के सातवें जिला पंचायत अध्यक्ष होंगे। सपा प्रत्याशी के सिवाय कोई अन्य नामांकन न होने और जांच में पर्चा वैध मिलने के बाद उनका निर्विविरोध चुना जाना तय हो गया। हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा नाम वापसी की तिथि के बाद होगी।
विज्ञापन


गरीबदास जिले के सातवें जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में निवर्तमान अध्यक्ष पूजा यादव का स्थान लेंगे। दरअसल, जिले की जिला पंचायत अध्यक्ष पद की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। शुक्रवार सुबह से ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद के नामांकन को लेकर गहमागहमी रही।

राजनीति से हर शख्स सुबह दस बजे से ही जिला मुख्यालय के नामांकन कक्ष की ओर निगाह गड़ाए हुए था। 11 बजे से नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई। करीब सवा 12 बजे सपा प्रत्याशी गरीबदास समर्थकों के हुजूम के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे।
विज्ञापन


उनके साथ राज्यसभा सांसद आलोक तिवारी, जिलाध्यक्ष अजय चौधरी, राजकुमार उर्फ चिनकू यादव, पूर्व विधायक लालजी यादव, सईद भ्रमर सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे। कई चक्रों की जांच के बाद प्रत्याशी व प्रस्तावकों को नामांकन स्थल पर पहुंचने की अनुमति दी गई।

दोपहर करीब 12.40 बजे गरीबदास ने जिला निर्वाचन अधिकारी डा.सुरेन्द्र कुमार को अपना नामांकन       फार्म सौंपा। दूसरे प्रत्याशी के आगमन को लेकर लगातार अफवाहें उड़ती रही,    मगर नामांकन अवधि खत्म होने तक किसी अन्य उम्मीदवार का पता नहीं चला। तीन बजे के बाद शुरू हुई जांच में पर्चा वैध  पाया गया।

नामांकन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंचीं लालबत्ती वाली गाड़ियां ःजिला पंचायत चुनाव से जुड़े तमाम इंतजामों के साथ-साथ आचार संहिता के नियमों के पालन की जिम्मेदारी भी प्रशासनिक अफसरों के पास थी लेकिन शुक्रवार को बाकी इंतजामों जैसी सख्ती सियासी रसूख वाले नेताओं की गाड़ियों की आवाजाही पर नहीं दिखी। यही वजह है कि जिला पंचायत अध्यक्ष के नामांकन के दौरान कलेक्ट्रेट तक पहुंचे वाहनों के काफिले में लालबत्ती लगी गाड़ियां भी खुल कर दौड़ती नजर आईं। नामांकन जुलूस में शामिल कुछ गाड़ियों पर उम्मीदवारों के नाम और समर्थन के स्टिकर भी लगे थे। यही नहीं कलेक्ट्रेट के आसपास रुक-रुक कर नारेबाजी भी खूब हुई। इस संबंध में डीएम डॉक्टर सुरेंद्र कुमार ने बताया कि मैं अंदर नामांकन स्थल पर था। बाहर के घटनाक्रम की जानकारी मुझे नहीं है। अगर आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है तो इस बारे में जानकारी लेकर समुचित कदम उठाया जाएगा।

चर्चा में रहा रामलाल का मैदान से हटना ःगुरुवार तक निर्दलीय चुनाव लड़ने का दावा कर रहे रामलाल पासवान का अचानक मैदान से हटना चर्चा का विषय रहा। सदर विधायक विजय पासवान के भाई रामलाल की पैंतरेबाजी को लेकर हर तरफ चर्चाएं गर्म थी। सुबह तक यह दावा किया जा था कि रामलाल निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। नामांकन फार्म की औपचारिकता भी पहले ही पूरी कर ली गई थी।

 उनके समर्थक कलेक्ट्रेट के बाहर 10 बजे से ही जुटे हुए थे। इसके आधार पर उम्मीद जताई जा रही थी कि नामांकन होगा। मगर गरीबदास के नामांकन के काफी देर बाद भी कोई सुगबुगाहट नहीं दिखी। दो बजते ही यह स्पष्ट हो गया कि अब नामांकन नहीं होगा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक निर्विरोध चुनाव के लिए पार्टी नेतृत्व सख्त था। सदर विधायक विजय पासवान को पहले ही लखनऊ तलब कर लिया गया था। हिदायत दी गई थी कि अगर भाई ने दावेदारी की तो इसे अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई तय है। मीडिया से फोन पर बातचीत में रामलाल ने भी यह स्पष्ट किया कि भाई के सम्मान से बढ़कर उनके लिए कुछ नहीं है।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें