गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अब सीनियर प्रोफेसर बन सकेंगे। इसे लेकर चयन समिति गठित कर दी गई है। 18 मई से चयन कमेटी इसकी प्रक्रिया शुरू कर देगी। विश्वविद्यालय प्रशासन की कोशिश है कि जून तक प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके बाद डीडीयू के शिक्षकों को सीनियर प्रोफेसर का कैडर मिल जाएगा।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने विश्वविद्यालयों में सीनियर प्रोफेसर कैडर के लिए मानक तय किए हैं। इसके मुताबिक, संबंधित शिक्षक ने प्रोफेसर के रूप में 10 वर्ष पूर्ण कर लिए हों। संबंधित शिक्षक के प्रोफेसर रहने के दौरान यूजीसी से लिस्टेड जर्नल्स में न्यूनतम 10 रिसर्च पेपर प्रकाशित हुए हों। इसके अलावा प्रोफेसर रहने के दौरान उनके मार्गदर्शन में न्यूनतम दो शोधार्थियों ने पीएचडी की उपाधि हासिल की हो।
बताया जा रहा है कि इसे लेकर आवेदन आमंत्रित किए गए थे। सीनियर प्रोफेसर पद के लिए करीब 30 से अधिक आवेदन आए हैं। अब डीडीयू प्रशासन ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है।
लेवल-15 में पहुंच जाएंगे प्रोफेसर
डीडीयू में अब तक प्रोफेसरों का अधिकतम लेवल पे मैट्रिक्स-14 ही है। इसके बाद पद नहीं होने के कारण उनका लेवल 14 पर ही आकर ठहर जाता है। सीनियर प्रोफेसर बन जाने के बाद उनका लेवल-15 हो जाएगा। कैडर बदलने से उनके सैलरी स्ट्रक्चर में भी बदलाव होगा।
बोलीं कुलपति
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि प्रमोशन हमेशा प्रेरणा देता है। सीनियर प्रोफेसर का पद होने से शिक्षकों में उत्साह बना रहेगा। इसे लेकर चयन समिति गठित कर दी गई है। मई में प्रक्रिया शुरू होगी। जून में विश्वविद्यालय के अर्ह प्रोफेसर्स को सीनियर प्रोफेसर का कैडर मिल जाएगा।