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Siddharthnagar News: नेपाल में आम चुनाव... बॉर्डर पर भारतीय वाहनों की जांच, खुफिया एजेंसियां अलर्ट

Sun, 15 Feb 2026 01:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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भारत नेपाल सीमा बढ़नी में वाहनों की जांच करते नेपाल सुरक्षा कर्मी। संवाद
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सिद्धार्थनगर। नेपाल में मार्च माह में होने वाले आम चुनाव के मद्देनजर बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं और हर संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। नेपाल में प्रवेश करने वाली भारतीय के साथ अन्य वाहनों की जांच करने के बाद ही सीमा में प्रवेश दिया जा रहा है। वहीं, मधेश के इलाके में जांच और निगरानी बढ़ा दी है।
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सूत्रों के मुताबिक, पूर्व में हुए जेनजी आंदोलन में देखते ही देखते हिंसा भड़क उठा थी और सरकार गिर गई। इसमें नेपाल की जांच एजेंसियों को नेपाल के अलावा बाहर से आए लोगों की ओर से दंगे को और भड़काने का इनपुट मिला था। ऐसे में चुनाव में नेपाल प्रशासन किसी प्रकार के रिस्क लेने के मूड में नहीं है। चुनाव को देखते हुए जहां भारतीय और अन्य देशों से आने वाले वाहनों की जांच गनहता से की जा रही है।
वहीं, हाल में आकर होटल और लाॅज में टिके लोगों के बारे में भी जांच की रही है। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि स्थानीय पुलिस जहां नियमित जांच कर रही है। वहीं, खुफिया विंग अचानक दिखने वाले अनजान चेहरों पर नजर रखने के साथ उनके हर मूवमेंट को देख रही हैं। सीमावर्ती इलाके में विशेष निगरानी है, क्योंकि मधेश के इलाके में ही संदिग्ध पूर्व में पकड़े गए हैं।
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नेपाल से लगती है जिले की 68 किलोमीटर सीमा : नेपाल हो या फिर भारत जब भी चुनाव होता है तो बॉर्डर पर सख्ती बढ़ा दी जाती है। यहां तक कि मतदान के दिन सीमा को सील कर दिया जाता है, जिससे कोई अराजक तत्व इधर से उधर होकर अशांति न फैलाने पाए। जेन जी आंदोलन के बाद नेपाल की सरकार गिरने के बाद ही चुनाव कराने की रणनीति तैयार कर ली गई थी। नेपाल में पांच मार्च को मतदान होना है। मतदान किसी भी प्रकार से प्रभावित न होने पाए, इसे देखते हुए नेपाल पुलिस, सशस्त्र बल के अलावा खुफिया एजेंसी भी एक्टिव हैं। इसके पीछे मंशा है कि चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सके। नेपाल की जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों को ऐसे इनपुट मिले थे कि जेन जी आंदोलन को नेपाल के अलावा बाहर से आए लोगों ने हवा दी, जिससे हालात बेकाबू हो गए। चुनाव में फिर कोई युवाओं को आगे करके देश को आग में न झोंके। इसे देखते हुए नेपाल का पूरा सुरक्षा सिस्टम कई स्तर पर काम कर रहा है।
पिछले कई दिनों से मधेश के इलाके में भैरहवा, लुंबिनी, तौलिहवा, चंदरौटा, कृष्णानगर सहित मधेस इलाके 35-40 किलोमीटर के दायर में विशेष जांच और निगरानी की जा रही है। सीमा पार होते ही जगह-जगह पिकेट लगाकर हर छोटे-बड़े वाहन की सघन जांच की जा रही है। खासकर भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों से यात्रा का उद्देश्य, ठहरने का स्थान और पहचान संबंधी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है।
वैध कागजात और संतोषजनक जवाब मिलने के बाद ही आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है। किसी को परेशान तो नहीं किया जा रहा है, जिससे उन्हें आने-जाने में कठिनाई हो, लेकिन रोकने के बाद कागजात देखने और आने-जाने व ठहरने का वाजिब कारण जरूर पूछा जा रहा है। संतुष्ट होने के बाद ही आगे बढ़ने दिया जा रहा है।
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