ढेबरुआ। बढ़नी कस्बे में रसोई गैस की होम डिलीवरी की व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच रविवार को भी उपभोक्ताओं के घरों तक सिलिंडर नहीं पहुंचे।
मजबूरी में सैकड़ों उपभोक्ताओं को भोर से ही एजेंसी पर कतार लगानी पड़ी। इनमें भारी संख्या में महिलाएं और बुजुर्ग शामिल थे। उपभोक्ता युग कृष्णा इंडेन गैस सर्विस के कार्यालय पर कतार में लगकर सिलिंडर का इंतजार करते दिखे। दोपहर बाद जब गैस की गाड़ी पहुंची, तब जाकर वितरण शुरू हो सका, लेकिन इस बीच घंटों लाइन में खड़े लोग बेहाल नजर आए।
कस्बे के उपभोक्ताओं का कहना है कि होम डिलीवरी न होने से उनके रोजमर्रा के काम ठप हो गए हैं।
कई घरों में पिछले तीन-चार दिन से रसोई गैस खत्म होने के कारण चूल्हा तक नहीं जला है और लोग होटल में भोजन करने को मजबूर हैं। कतार में खड़े बीमार व्यक्तियों और जिनके घरों में वैवाहिक कार्यक्रम या मुंडन जैसे मांगलिक आयोजन हैं, उन्हें भी अपना सारा काम छोड़कर धूप में खड़ा होना पड़ा।
उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि एजेंसी प्रबंधन को बार-बार अवगत कराने के बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है और जिम्मेदारों की बेरुखी आम जनता पर भारी पड़ रही है। उपभोक्ताओं के मुताबिक जब गैस वितरण की जानकारी के लिए फोन किया जाता है तो एजेंसी के किसी जिम्मेदार का फोन नहीं उठता।
लोगों का कहना है कि वितरण के दौरान लाइन को दरकिनार कर चहेतों को गैस दी जा रही है। वहीं, डिजिटल इंडिया के दौर में भी एजेंसी कर्मचारी ऑनलाइन पेमेंट लेने में आनाकानी कर रहे हैं, जिससे घंटों तक बहस की स्थिति बनी रहती है।
स्थानीय निवासी संजय जायसवाल व अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की कि एजेंसी की इस मनमानी पर तत्काल रोक लगाई जाए और होम डिलीवरी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि चिलचिलाती धूप में जनता को इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से मुक्ति मिल सके।