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सरकारी अस्पतालों में प्रतिदिन पहुंच रहे चार हजार मरीज

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जिला अस्पताल में पर्ची कटवाने के लिए मरीजों की लगी लंबी कतार। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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सरकारी अस्पतालों में प्रतिदिन पहुंच रहे चार हजार मरीज
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सिद्धार्थनगर। बदले मौसम के बीच सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। एक सप्ताह से मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। संयुक्त जिला चिकित्सालय में 1500 समेत जिले के अन्य सीएचसी, पीएचसी में 2500 मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें सर्वाधिक संख्या बुखार से पीड़ितों की है। संक्रमित होने वालों में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं शामिल हैं।
संयुक्त जिला चिकित्सालय के ओपीडी में बीते एक सप्ताह से मरीजों की संख्या में तीन गुना बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां लगभग पांच सौ पर्ची कटती थी, अब 1500 के आसपास कट रही है। हर चिकित्सक के कक्ष में मरीजों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। बाल रोग विशेषज्ञ के कमरे में बच्चों, स्त्री रोग विशेषज्ञ के कमरे में महिलाओं, फिजिशयन के कमरे में 18 वर्ष के ऊपर उम्र के मरीज इलाज के लिए जूझ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, इस समय सर्वाधिक मरीज बुखार से पीड़ित हैं। फिजिशयन डॉ. सीबी चौधरी का कहना है कि बुखार से पीड़ित रोगियों की संख्या अधिक है।
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दवा के साथ सावधानी ही बेहतर इलाज है। वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय गुप्ता ने कहा कि वायरल का असर लोगों की आंखों पर भी असर पड़ रहा है। प्रतिदिन 150 मरीज आ रहे हैं। नाक, कान और गला रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि एक सप्ताह से मरीजों की संख्या बढ़ी है। पहले जहां सौ के करीब आते थे, अब दो सौ के आसपास पहुंच रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएल पटेल ने बताया कि बच्चों में भी वायरल बुखार का असर तेजी से हो रहा है।
सीएचसी पर पहुंचे रहे डेढ़ सौ मरीज
शोहरतगढ़। वायरल बुखार के करीब सौ मरीज प्रतिदिन शोहरतगढ़ सीएचसी पर आ रहे हैं। मंगलवार को 150 मरीजों का इलाज हुआ है। क्षेत्र के परसोहिया, बगुलहवा, लेदवा, गुलरी, अकरा, गोलौहरा, चिल्हिया, जोखवालिया, झरूआ, महदेवा नानकार, सेमरा, डोहरिया आदि गांवों में लगभग हर घर में वायरल बुखार के मरीज हैं। सबसे अधिक बच्चे इसकी चपेट में हैं। अधीक्षक पंकज वर्मा ने बताया कि सीएसची पर सुबह आठ बजे से दो बजे तक 150 मरीजो की जांच कराकर उपचार किया गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में डॉक्टरों की टीम डायरिया, बुखार आदि संक्रमण के मरीजों में जांच कर दवा का वितरण कर रही है।
अस्पताल में जांच की व्यवस्था नहीं
शोहरतगढ़ सीएसची में बीमारियों की ब्लड जांच की उचित व्यवस्था नहीं है। मरीज प्राइवेट सेेंटर पर जांच करवाने के लिए मजबूर हैं। ललिता, गरिमा, कोहू, अंशिका, सोमई, नूरजहां, आशा देवी, फातिमा ने बताया कि सीएचसी पर डॉक्टर को दिखाने के बाद संक्रमण की पहचान के लिए ब्लड की जांच की अस्पताल में समुचित व्यवस्था नहीं होने पर प्राइवेट पैथालॉजी में जांच करानी पड़ी। अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में सारी सुविधा मौजूद हैं। सभी उपकरण संचालित है।
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इटवा और बढ़नी में भी मरीजों की संख्या बढ़ी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटवा में भी मरीजों की संख्या पहले की अपेक्षा बढ़ गई है। प्रतिदिन तीन सौ मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश वायरल बुखार के मरीज हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी में भी मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। यहां भारतीय क्षेत्र के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल के भी मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। पहले जहां सौ से कम आते थे, वहीं अब डेढ़ सौ के तकरीबन प्रतिदिन आ रहे हैं। इनमें वायरल बुखार के मरीज ज्यादा हैं।
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