सिद्धार्थनगर। खाद की ओवररेटिंग सहित अन्य चुनौतियों से निपटने के लिए फुटकर खाद विक्रेताओं ने सोमवार को कलक्ट्रेट में बैठक कर संगठन बनाया। उन्होंने कृषि भवन को घेराव किया तो कृषि अधिकारी मुजम्मिल ने थोक विक्रेताओं के साथ उनसे बात की, जबकि इन समस्याओं को लेकर खाद दुकानदारों ने छह दिन पहले भी कृषि अधिकारी से बातें की थी। खाद दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि ओवर रेटिंग सहित अन्य समस्याओं का समाधान नहीं होगा तो वे हड़ताल कर सकते हैं, जबकि रबी के सीजन में यूरिया, डीएपी की किल्लत शुरू हो गई है।
खाद के फुटकर विक्रेताओं के संगठन ने सवाल उठाया कि अधिकारियों की निगरानी के बावजूद बिना लाइसेंस वाले दुकानों पर यूरिया, डीएपी पहुंच रही है। उन्होंने दबी जुबान से बार्डर क्षेत्र में खाद की तस्करी की बातें भी की। खाद विक्रेता संगठन के अध्यक्ष चुने गए आदर्श श्रीवास्तव ने कहा कि खाद दुकानदारों के साथ किसानों का भी शोषण हो रहा है इसलिए संगठन बनाने की नौबत आई है। जल्द ही संगठन का पंजीकरण कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि डीएपी और यूरिया की ओवर रेटिंग हो रही है। इसके साथ यूरिया के साथ जिंक और डीएपी के साथ नैनो यूरिया टैगिंग के कारण कीमत अधिक हो रही है, जबकि यूरिया, डीएपी के अलावा अन्य उर्वरकों को किसान नहीं लेना चाहते हैं। उन्होंने मांग की कि खाद बिक्री पर किसानों का लाभ तय किया जाए। खाद दुकानदार संतोष मिश्रा ने कहा कि बैठक में सभी समस्याओं पर चर्चा की गई। समस्याओं पर कृषि अधिकारी के साथ बातें भी हुई, उन्होंने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है।
नए संगठन के पदाधिकारी विजय त्रिपाठी, मो. इशरार, नीरज चौधरी, अशोक यादव, लाडले रिजवी एवं सूर्य प्रकाश, संतोष कुमार, राजन सिंह, अवनीश चौबे, महेंद्र चौबे, संजय, पवन चाैबे, पवन चतुर्वेदी, अजय कुमार त्रिपाठी एवं जीतेंद्र कुमार सिंह सहित 150 से अधिक लोगों ने रजिस्टर पर हस्ताक्षर किया।
ये हैं मांगे
- सभी प्रकार के उर्वरकों की ओवर रेटिंग बंद हो
-यूरिया, डीएपी के साथ अन्य उर्वरकों की टैगिंग न हो
-बिना लाइसेंसी दुकानदारों को उर्वरक बेचने से रोका जाए
-सैंपल होने पर थोक विक्रता और कंपनी के खिलाफ भी कार्रवाई
-ई पाश मशीन नहीं चलने पर खाद बिक्री करने का अन्य विकल्प बताया जाए