खेसरहा। क्षेत्र की खेसरहा सहकारी समिति पर सचिव की तैनाती न होने से किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। बुवाई का समय निकलता जा रहा है और किसान खेतों की ओर बेबस निगाहों से देख रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, खेसरहा क्षेत्र में कुल 13 न्याय पंचायतें हैं और प्रत्येक पंचायत में किसानों को सरकारी दर पर उर्वरक और बीज उपलब्ध कराने के लिए सहकारी समितियों की स्थापना की गई है। लेकिन खेसरहा न्याय पंचायत की समिति पिछले दो महीनों से सचिव विहीन है।
पहले आसपास की समितियों के सचिवों को यहां का अतिरिक्त प्रभार देकर व्यवस्था चलाई जा रही थी, किंतु अब वह भी ठप है। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। किसान या तो निजी दुकानों से महंगे दामों पर डीएपी खरीदने को मजबूर हैं या उन्हें बिना उर्वरक के ही बुवाई करने का जोखिम उठाना पड़ रहा है।
क्षेत्र के 14 गांवों के किसानों को खाद व बीज वितरण की जिम्मेदारी खेसरहा सहकारी समिति के पास है। समिति में तैनाती के अभाव में सरकारी आपूर्ति की प्रक्रिया से किसानों के बीच गहरा असंतोष है। स्थानीय किसान संबंधित विभाग से स्थायी सचिव के तैनाती की मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
इस संबंध में सहकारिता विभाग के एआर वीपी गौतम ने बताया कि शीघ्र ही किसी सचिव को प्रभार सौंपा जाएगा, जिससे समिति का सही ढंग से संचालन हो सके। किसानों की खाद न मिलने की समस्या समाप्त हो जाएगी। सचिव को प्रभार मिलते ही डीएपी उपलब्ध कराई जाएगी।