सिद्धार्थनगर। अगर ब्लडप्रेशर और शुगर के रोगी हैं और मांगलिक कार्यक्रम में भोजन कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं। क्योंकि, तेल-मसाले का गलत संतुलन और मिठाई न सिर्फ आपकी बीमारी को बढ़ा देगी बल्कि अस्पताल तक पहुंचा सकती है। पिछले एक पखवारे से अचानक ब्लडप्रेशर और शुगर जरूरत से अधिक बढ़ने की शिकायत लेकर मरीज मेडिकल कॉलेज और अन्य अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों को इनकी हिस्ट्री लेने पर पता चला कि कई दिनों से निमंत्रण में जा रहे हैं और दवा भी लेना भूलने के साथ पर्याप्त नींद नहीं ले पा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
बदलती जीवनशैली, गलत खानपान और काम के दबाव लोगों को बीमार बना रहा है। इसमें ब्लड प्रेशर और शुगर सबसे आम और खतरनाक बीमारी बन गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि 25 साल से 90 साल के बुजुर्ग तक को दवा लेनी पड़ रही है। इसमें जो मरीज हैं, उनपर मौसम का बहुत असर पड़ता है। उनका यह भी मानना है कि नियमित दवा और परहेज से बीमारी से मुक्ति भी मिल सकती है। विशेष करके खाने पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं लेकिन, गर्मी और मांगलिक कार्यक्रम के बीच शरीर का संतुलन बिगड़ रहा है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में डॉक्टर के पास ब्लडप्रेशर और शुगर अधिक बढ़ने की समस्या से पीड़ित पांच से सात मरीज पहुंच रहे हैं। इनसे बातचीत में दवा न लेने और कई दिनों से कम सोने और भोजन में कुछ भी खा लेने की बात सामने आ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि घर के संतुलित भोजन की तुलना में निमंत्रण में खाए जाने वाले तले-भुने और मीठे व्यंजन स्वास्थ्य पर सीधा असर डालते हैं। कई बार लोग सामाजिक दबाव में जरूरत से ज्यादा मिठाई और नमक का सेवन कर लेते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर और शुगर अचानक बढ़ जाता है। यही वजह है कि इन दिनों अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उनका यह भी कहना है कि गर्मी के मौसम में भी बीपी और शुगर के मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत है। आम धारणा है कि सर्दियों में ही बीपी बढ़ता है, लेकिन मौसम बदलने के समय शरीर का संतुलन बिगड़ने से यह समस्या किसी भी मौसम में हो सकती है। मरीजों की जांच कराने के साथ ही नियमित दवा लेने और भोजन को लेकर बहुत परहेज करने की जरूरत है।
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इसलिए होती है समस्या
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि निमंत्रण में परोसे जाने वाले भोजन में तेल, मसाला, नमक और शुगर की मात्रा अधिक होती है। इससे शरीर में अचानक बदलाव आता है जो हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। कई मामलों में मरीजों को चक्कर, सिरदर्द, घबराहट और ब्लड शुगर बढ़ने की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। ऐसे समय खान-पान पर नियंत्रण रखना चाहिए। मिठाई और नमकीन का सीमित सेवन करें, अधिक पानी पीएं और दवाओं का नियमित सेवन बिल्कुल न छोड़ें। साथ ही समय-समय पर ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच करते रहना बेहद जरूरी है। लापरवाही बरतने पर हार्ट अटैक, स्ट्रोक (लकवा) जैसी गंभीर स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए थोड़ी सी सावधानी और संतुलित आहार ही इन खतरों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।