रामकोला (कुशीनगर)। थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ठगों ने “पार्सल हादसा” की झूठी कहानी गढ़कर महिला को इस कदर डरा दिया कि उसने 1.62 लाख रुपये जालसाजों की ओर से भेजे गए बार कोड और फोन पे नंबर पर ट्रांसफर कर दिया।
पीड़ित महिला रविवार को परिजनों के साथ थाने पहुंची और रोते हुए पूरी आपबीती सुनाई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति मुंबई में निजी फैक्ट्री में काम करते हैं। मैंने अपने जेवर बेचकर जालसाजों को रकम भेज दिया है।
रामकोला थाना क्षेत्र के परवर पार बड़ा बनकटा गांव की रीता गुप्ता पत्नी राज मंगल ने बताया कि 21 अप्रैल से उसके मोबाइल पर लगातार कॉल आ रही थी। कॉल करने वाला खुद को पार्सल कंपनी का कर्मचारी बताता था। उसने कहा कि “आपका पार्सल लेकर जा रहा व्यक्ति सड़क हादसे में मारा गया है। शव लेकर आ रहे हैं। मामला गंभीर है। तुरंत पैसे नहीं दिए तो आपके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होगी और जेल जाना पड़ेगा।
जालसाजों ने महिला को लगातार डराया और दबाव बनाया। कभी सायरन की आवाज सुनाकर माहौल बनाया तो कभी कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। घबराई महिला ने अपने पास के पैसे के साथ-साथ रिश्तेदारों से उधार लेकर भी रकम भेजनी शुरू कर दी। ठगों ने अलग-अलग बहानों से 10 बार में कुल 1.62 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिया।
हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी रकम ऐंठने के बाद भी ठगों का मन नहीं भरा। रविवार को फिर कॉल कर 60 हजार रुपये और मांगे। इसके बाद महिला घबरा गई और अपनी मां व बहन के साथ रामकोला थाने पहुंच गई।
इसी दौरान ठग का दोबारा फोन आया, जिससे पुलिस को उसकी लोकेशन ट्रेस करने में मदद मिली।
पुलिस ने महिला को समझाया कि यह साइबर फ्रॉड का मामला है और डरने की जरूरत नहीं है। थाना प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। ठगों के बारे में कुछ सुराग मिले हैं। जांच की जा रही है।