संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। भीषण गर्मी के बीच बिजली की खपत बढ़ गई है। उपभोक्ताओं को बिजली पर्याप्त मिल सके, इसके लिए विद्युत निगम अतिरिक्त बिजली खरीद करके आपूर्ति भी कर रहा है। इसके बाद भी बिजली की किल्लत से लोग परेशान हैं। कारण लोकल फाल्ट होने पर उसे सही करने में कई घंटे ढूंढने में लग जा रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को कटौती से परेशान होना पड़ रहा है।
जानकारी में आया है कि इसकी सबसे बड़ी वजह बिजली चोरी रोकने, तार टूटकर गिरने सहित अन्य समस्याओं के निजात के लिए की गई नई तकनीक के प्रयोग हैं। सुचारु बिजली आपूर्ति के लिए नई तकनीक के प्रयोग तो किए गए, लेकिन समस्या के समाधान के निजात के संबंध में कर्मियों को दक्ष नहीं किया गया।
कुछ कर्मियों ने बताया कि केबल प्रक्रिया, एंसुलेटर में बड़ी तब्दीली की गई है। इसके बारे में उन्हें प्रशिक्षित तो किया नहीं गया है। ऐसे में एक फाल्ट को ढूंढने में घंटाें लग जाता है। अगर प्रशिक्षण दिया गया होता तो शायद यह समस्या नहीं आती है।
लोकल फाल्ट पकड़ने में लग गए कई घंटे : नई तकनीकी में दक्ष न होने के कारण बिजली का लोकल फाल्ट पकड़ पाना बिजली कर्मियों के लिए मुश्किल हाे रहा है। उसका क्षेत्र के बिजली फीडर से रात में कस्बे में फाल्ट हाे गया।
बिजलीकर्मियों को फाल्ट ढूंढने में पांच से छह घंटे लग गए। तब तक उपभोक्ताओं को इस भीषण गर्मी में बिजली गुल होने से दिक्कतें होने लगीं। बिजली सही हुई तो लोगों को राहत मिली। वहीं, लोटन ब्लॉक क्षेत्र के लोटन पॉवर हाॅउस के पास लोकल फाल्ट हो गया। इसके बाद कई गांव की बिजली ठप हो गई। शोरशराबा शुरू हुआ, कई कर्मचारी लगे, लेकिन रात में फाल्ट नहीं मिला। सुबह फाल्ट पकड़ में आया, इसके बाद उसे सही किया जा सका। इसी प्रकार इटवा क्षेत्र में लोकल फाल्ट ढूंढने में बिजली कर्मियों को समस्याओं से जूझना पड़ा।
यह तो प्रकाश में आने वाले मामले में हैं। जिले में न जाने कितने स्थानों पर यह समस्या उत्पन्न होती हाेगी इसका अंदाजा नहीं है।
अतिरिक्त बिजली खरीद रहा निगम: अप्रैल से गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग बढ़ जाती है। जून से सितंबर तक बिजली की मांग बहुत अधिक हो जाती है। ऐसे में निगम अतिरिक्त बिजली खरीदता है। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में करीब पौने चार लाख उपभोक्ता हैं। इसमें शहर से देहात तक के उपभोक्ता शामिल हैं।