संवाद न्यूज एजेंसी
कपिलवस्तु। भारतीय जाली नोट धंधेबाज यूनुस अंसारी को जेल से रिहा किए जाते ही गिरफ्तार कर लिया गया है। छह साल जेल में बिताने के बाद अंसारी को एक अन्य अपराध के लिए दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने फिर से मामले की जांच शुरू कर दी है।
वर्ष 2019 जून में यूनुस अंसारी समेत छह लोगों को त्रिभुवन हवाई अड्डे से 7.76 करोड़ रुपये भारतीय रुपये के जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया था। तीन पाकिस्तानी नागरिकों, नासिर उद्दीन (67), मोहम्मद अख्तर (49) और नादिया अनवर (39) को कतर से काठमांडू आते समय गिरफ्तार किया गया था।
वह कराची से कतर होते हुए नेपाल आया था अंसारी उन्हें रिसीव करने त्रिभुवन एयरपोर्ट पहुंचा था। उसी समय पुलिस ने यूनुस अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके साथ रौतहट के बैरिय वार्ड नंबर एक के सुबल खान और भक्तपुर के एक युवक को गिरफ्तार किया गया।
इसी मामले में काठमांडू जिला न्यायालय ने उन्हें छह साल जेल की सजा सुनाई थी। उसी मुकदमे में शनिवार को सजा काटने के बाद रिहाई के तुरंत बाद अंसारी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीआईबी) ने गिरफ्तार कर लिया।
सीआईबी प्रमुख एआईजी चंद्रकबेर खापुंग ने बताया कि अंसारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर दी गई है।