संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग के मामले में पकड़े गए जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
भारत के कई राज्यों के कनेक्शन के साथ ही नेपाल में जड़ें गहरी होने और विदेशी फंडिंग के सेफजोन के लिए उपयोग किया गया है। ऐसे सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं। स्थानीय मददगारों के अलावा छांगुर बाबा के कनेक्शन उत्तर प्रदेश के कुछ जनपदों के युवाओं के होने की बात सामने आई है।
इसमें पश्चिमी यूपी के कुछ जनपद के युवा जो नेपाल में ठौर बनाएं हैं। इसमें कुछ मौलवी और मौलाना भी शामिल हैं। ऐसा इनपुट एजेंसी के हाथ लगा है। इस इनपुट को पुख्ता करने के लिए तीन अलग- अलग एजेंसी नेपाल में संपर्क बनाए हुए है।
संदिग्धों की तस्दीक करने के लिए एजेंसी ठिकाना, उठना, बैठना, मिलना जुलना सहित हर उस गतिविधि के बारे में जानकारी ले रही है जो संदिग्ध प्रतीत हो।
माना जा रहा है कि ठोस इनपुट के जरिये एजेंसी बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश कर सकती है। इसमें यूपी के कई जिलों के कनेक्शन, फंडिंग और धर्मांतरण का खेल हो सकता है और बड़ी संख्या में लोग जद में आ सकते हैं।
विदेश में भ्रमण करने वाले रडार पर: जानकारी यहां तक मिली है कि छांगुर का नेटवर्क चलाने वालों में कुछ ऐसे चेहरे हैं, जो लगातार विदेश का भ्रमण करते थे। फंडिंग के काम करने और छांगुर तक जानकारी देने के लिए वह हैंडलर का काम करते थे।
जानकारी यह मिली है कि वह माह में तीन से चार देशाें का ट्रिप लगाते थे। उनका काम मीटिंग और फंडिंग के धन का किस प्रकार से प्रयोग हो रहा है। धर्मांतरण का कार्य किस प्रकार से संचालित हो रहा है, इसके बारे में यहां से वहां तो वार्ता करने का काम करते थे। बार- बार नेपाल से उड़ान भरने वाले मधेशी नेपाली और भारतीयों के बारे में जानकारी ले रपी है। जो विशेष धर्म से जुड़े हैं।
बताया जा रहा है कि उसके जरिय तह तक जाएगी। इन लोगों को विदेश जाने का उद्देश्य क्या रहा। काम क्या करते थे। यहां तक जानकारी ली जा रही है। एजेंसी को आशंका है कि फंडिंग का पूरा काम यहीं से होता था। धर्मांतरण के लिए प्रशिक्षण और रुपये पहुंचाने का कार्य भारत से होता है।