सिद्धार्थनगर में मदरसा शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में शुचिता कायम रखने के लिए शासन ने भले ही केंद्र बदल दिए हों मगर जिम्मेदारों की लापरवाही से पारदर्शिता की मंशा ठेंगे पर है। मामला मुस्लिम इंटर कॉलेज महदेइयां का है।
यहां उसी मदरसे के शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक लगा दिया गया, जहां के बच्चे परीक्षा दे रहे हैं। हालांकि मामला प्रकाश में आने के बाद प्रबंधन ने सख्ती दिखाते हुए स्टाफ हटा दिया। इस बीच कई परीक्षाएं बीत चुकी हैं। विभाग का कहना है कि केंद्र के पास कक्ष निरीक्षक न होने की स्थिति में संबंधित मदरसे के शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई थी।
मदरसा शिक्षा बोर्ड ने नकल मुक्त परीक्षा कराने के मकसद ने इस बार से व्यवस्था में बदलाव किया है। परीक्षा मदरसे पर न कराकर दूसरे हाईस्कूल-इंटर कॉलेजों में केंद्र बनाया गया है। मुस्लिम इंटर कॉलेज महदेइयां में यूसुफपुर मदरसे की परीक्षा कराई जा रही है। कॉलेज के शिक्षकों की मूल्यांकन ड्यूटी होने के कारण कक्ष निरीक्षकों की मांग की गई तो विभाग ने मदरसे के शिक्षकों को ही भेज दिया। सहायक केंद्र व्यवस्थापक भी उसी मदरसे के ही बनाए गए हैं।
नतीजा शासन की पारदर्शिता के लिए कॉलेज प्रबंधन हाथ-पांव मारता रहा मगर मदरसे के ही शिक्षकों के कारण परीक्षार्थियों की पौ-बारह रही। दो परीक्षाएं बीतने के बाद जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई तो प्रबंधन ने सख्ती दिखाते हुए मदरसे के स्टाफ को वापस भेज दिया। अब मूल्यांकन में लगे कॉलेज के शिक्षकों को बुलाकर परीक्षा कराई जा रही है। मामले को लेकर अल्पसंख्यक विभाग के जिम्मेदारों की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
मदरसे के प्रबंधक नईम कमाल का कहना है कि उसी मदरसे के शिक्षक और सहायक केंद्र व्यवस्थापक होने से दिक्कतें आ रही थीं। गड़बड़ी की शिकायतों के बाद तत्काल उन शिक्षकों को हटा दिया गया। संबंधित मदरसे के ही शिक्षकों की ड्यूटी लगाना उचित नहीं है। प्रधानाचार्य मो.आसिफ खां के मुताबिक सकुशल परीक्षा के लिए पुलिस की मदद ली जा रही है। विभाग को भी पत्र लिखा गया है। फिल्हाल व्यवस्था नियंत्रण में है।
वहीं जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय प्रधानाचार्य द्वारा स्टाफ की कमी बताए जाने के कारण ही मदरसे के शिक्षकों को वहां भेजा गया था। परीक्षा मदरसा बोर्ड की ऐसे में हिंदी भाषा के शिक्षकों के लिए ड्यूटी करना मुश्किल था। प्रबंधन की आपत्ति के बाद ड्यूटी बदल दी गई है। नियमों के तहत ही परीक्षा संचालित कराई जा रही है।