संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। विशिष्ट अधिगम दिव्यांगता पर आधारित फाइव डी के शुरुआती लक्षणों की पहचान के लिए सोमवार से पांच दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों के सीखने की आवश्यकताओं की आरंभिक स्तर पर पहचान करते हुए इनकी समझ को बेहतर बनाना और समावेशी कक्षा शिक्षण को बढ़ावा देना है।
बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया कि इस कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक, स्पेशल एजुकेटर्स, टीचर एजुकेटर्स, स्टूडेंट्स ऑफ टीचर एजुकेशन एवं अभिभावक अपने बच्चों के साथ प्रतिभाग कर सकते हैं। प्रशिक्षण अवधि दोपहर 12:45 बजे से 01:45 तक एक घंटा संचालित रहेगी। यह हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों ही माध्यम से संचालित होगा।
प्रशिक्षण समाप्ति के बाद सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पोर्टल पर ही एक क्विज प्रश्नोत्तरी होगी, जिसमें 70 प्रतिशत या उससे ज़्यादा अंक पाने वाले प्रतिभागियों को एनसीईआरटी द्वारा ई-सर्टिफिकेट दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा के अंतर्गत समावेशी शिक्षा पहलों जैसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नीतिगत ढांचे, दिव्यांग बच्चों की शीघ्र पहचान, शिक्षकों की तैयारी, समावेशी कक्षाओं व समान शैक्षिक अवसरों पर विशेष बल देते हैं।
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (एसएलडी) वाले बच्चों की पहचान और सहायता के संबंध में शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यालय प्रमुखों और समुदायों के बीच जागरूकता और व्यावहारिक समझ में महत्वपूर्ण अंतर बना हुआ है।