सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कालेज के सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर के निर्देश पर हुई क्लिनीकल कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में इमरजेंसी में हर समय विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद होने का निर्णय किया गया। अब इमरजेंसी जूनियर डॉक्टरों के भरोसे नहीं रहेगी।
बैठक में इमरजेंसी वार्ड में नियमित रूप से रुपये मांगने से संबंधित मिल रही शिकायत को संज्ञान में लिया गया। निर्णय लिया गया कि इमरजेंसी में विशेषज्ञ डॉक्टर ही गंभीर मरीज को रेफर कर सकेंगे। जूनियर रेजीडेंट और सीनियर रेजीडेंट सप्ताह में एक बार बैठक करके मरीजों के इलाज में आने वाली समस्याओं पर चर्चा करेंगे, जबकि मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करना होगा। इमरजेंसी वार्ड में बोर्ड लगाया जाएगा। इसमें डीएम, सीएमओ, प्राचार्य और सीएमएस का मोबाइल नंबर लिखा जाएगा। अगर किसी मरीज को शिकायत करनी है तो शिकायतकर्ता सीधे इन अधिकारियों से संपर्क कर सकता है। तीन दिन के भीतर सभी चिह्नित स्थानों पर बोर्ड लगाने की कार्रवाई पूरी होगी।
मेडिकल कालेज सभागार में हुई बैठक में अधिकारियों ने इमरजेंसी की सुविधा को सुदृढ़ बनाने की रूपरेखा तैयार की। सीएमओ डा. रजत कुमार चौरसिया ने कहा कि इमरजेंसी वार्ड में नियमित रूप से कर्मचारियों के उपचार करने के नाम पर धन मांगने की शिकायत मिलती रहती है। अब किसी रोगी को रेफर करने से पहले वरिष्ठ चिकित्सक से परामर्श लेना अनिवार्य होगा। अगर कोई जूनियर चिकित्सक ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य चिकित्सा और चिकित्सा शिक्षा विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर रोगियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए जल्द ही बेहतर कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
इस दौरान सीएमएस डॉ. अशोक कुमार झा, प्रभारी प्राचार्य डाॅ. हसमतुल्लाह, डाॅ. नौशाद आलम, डाॅ. आशीष त्रिपाठी, डाॅ. गौरव दुबे, डॉ. प्रतिभा यादव,डॉ. सीबी पांडेय, डॉ. एसएन आजाद एवं डॉ. अफजल समेत अन्य मौजूद रहे।