डुमरियागंज नगर पंचायत के माली मैंनहा गांव के सिवान में मंगलवार की दोपहर अचानक आग लग गई।
इससे कुछ ही देर मेें आग पूरे सीवान में फैल गई। आग से करीब 50 बीघा गेहूं का फसल जलकर राख हो गया। वहीं नगर से सटा होने के कारण सिवान में लगी आग के धुएं से नगर में अंधेरा छा गया। सहमे लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। नगर में घंटों तक अफरातफरी का माहौल रहा।
दोपहर करीब 12 बजे नगर के पश्चिम स्थित माली मैंनहा में जाने वाले बंधे के बगल स्थित सीवान से धुआं उठने लगा। जो चल रही तेज पछुवा हवाओं के कारण आग बेकाबू हो गई। इससे करीब 50 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची फायर सर्विस की गाड़ी ने आग को करीब दो बजे पहुंची और आग पर काबू पाया।
वहीं आग लगने से उठ रहा धुआं नगर के चारों तरफ फैल गया। जिससे डुमरियागंज नगर में अंधेरा छा गया। मंदिर चौराहे पर फल बेचने वाले मुश्ताक अहमद ने बताया कि दोपहर में करीब 12:30 बजे पश्चिम दिशा की तरफ से लपटों की आंच के साथ ही धुआं तेजी से आने लगा।
यह देख सब डर गए कि आग कहीं चौराहे पर न लग जाए। तहसील परिसर में मौजूद लोग भी वहां से निकलकर बाहर आ खड़े हो गए थे। दूसरी तरफ सीवान से सटे मकानों में रहने वाले लोग भी घर छोड़ कर दूसरी जगह जाकर अपना बचाव किए। इसी क्रम में करीब दो बजे के आसपास क्षेत्र के महुआ-महुई, रेहरा, बभनी आदि गांवों में भी अज्ञात कारणों से आग लग गई। इसमें दर्जनों किसानों का करीब 150 बीघा गेहूं जलकर खाक हो गया। ग्रामीणों ने अथक प्रयास करके आग पर काबू पाया। इस संबंध में डुमरियागंज तहसीलदार मेवालाल ने बताया कि हलका लेखपालों को क्षति के नुकसान की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। शासन को पीड़ितों की रिपोर्ट भेजी जाएगी। मेवालाल ने लोगों से डंठल न जलाए जाने की अपील की है।
उधर, देर शाम महोखवा गांव में दुर्बल के छप्पर के मकान में अज्ञात कारणों से लगी आग की चपेट में आने से दो दर्जन मकान जल गए। पीड़ितों में झिंगुर, संचित, राधेश्याम, परशराम, किशोर, भृगुनारायण, शिवनारायण, भुग्गुन, चौथी, छोटेलाल, धु्रवचंद, रामचंद, पप्पू, विफई आदि शामिल रहे।