युद्ध से यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे बच्चों के परिजनों की अटकी सांसें
: बांसी कस्बे के निवासी दंपती वीडियो काल से बच्चों से कर रहे संपर्क
: कस्बे के दो बच्चे यूक्रेन के कीव शहर में कर रहे एमबीबीएस की पढ़ाई
बांसी/गोल्हौरा (सिद्धार्थनगर)। युद्ध शुरू होने से यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे नगर के दो बच्चे फंस गए हैं। इनके परिजन काफी चिंतित हैं और एक टक टीवी पर नजरे टिकाए यूक्रेन की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। परिजनों की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने रूस और यूक्रेन से युद्ध बंद करने की अपील और भारत सरकार से बच्चों को घर लाने की व्यवस्था करने की मांग की।
बांसी कस्बे के इंद्रा नगर वार्ड निवासी हफीज चौधरी, वी कमर हफीज बृहस्पतिवार को टीवी पर नजरे गड़ाए यूक्रेन की ताजा स्थित का जायजा लेते रहे। इन लोगों ने बताया कि उनकी बेटी हुमैरा चौधरी बिनितसा मेडिकल यूनिवर्सिटी कीव यूक्रेन में एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा है। यूक्रेन व रूस के बीच पहले से ही बिगड़े माहौल से चिंतित तो थे ही, परंतु यूक्रेन के कुछ हिस्से में हुए हमले से चिंता बहुत बढ़ गयी है।
उन्होंने बताया कि वे प्रतिदिन वीडियो काल करके बेटी का हाल ले रहे हैं। हालांकि, यह मेडिकल यूनिवर्सिटी रूस बार्डर से 15 सौ किलोमीटर दूर है, इसके बावजूद चिंता बनी हुई है। इन लोगों ने बताया कि बेटी को घर लाने के लिए यूक्रेन वाया दुबई फ्लाइट का टिकट छह मार्च का बुक था, जिसके निरस्त होने का मैसेज आ गया है। परिजन ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी में आनलाइन पढ़ाई जारी है और बच्चों को यहां से जाने की अनुमति नहीं मिल रही है।
वे दुआ कर रहे हैं कि यूक्रेन व रूस के बीच हुआ यह तनाव दूर हो जाए और जंग न हो, हालांकि, बच्चे अपना लगेज तैयार कर लिए हैं, सिर्फ फ्लाइट के मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
इसी तरह आजाद नगर वार्ड निवासी डॉ. असलम का छोटा बेटा जाहिद हुसैन बिनितसा मेडिकल यूनिवर्सिटी यूक्रेन में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष में अध्ययनरत है। डॉक्टर असलम व उनकी पत्नी शाहजहां भी यूक्रेन व रूस के बीच जारी तनाव को लेकर चिंतित हैं।