आमान परिवर्तन का काम पूरा होने के बाद गोरखपुर-गोंडा लाइन पर ट्रेनों के संचालन की उलटी गिनती शुरू हो गई है। इस रूट पर नए सिरे से बिछाई गई बड़ी लाइन ट्रैक का परीक्षण होने के बाद अब रेल अधिकारी स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का जायजा लेने में जुट गए हैं।
बुधवार को लखनऊ मंडल के डीआरएम आलोक सिंह अपनी पूरी टीम के साथ स्पेशल ट्रेन से नौगढ़ स्टेशन पहुंचे और चप्पे-चप्पे का निरीक्षण किया। यात्री सुविधाओं की बारीकी से जांच की और ट्रेनों के संचालन की प्रणाली व रजिस्टर का भी मुआयना किया।
डीआरएम आलोक सिंह स्पेशल ट्रेन से नौगढ़ स्टेशन 2.30 बजे पहुंचे और 45 मिनट तक यहां रुके। इस दौरान उन्होंने स्टेशन के चप्पे का बड़ी ही बारीकी से जायजा लिया।
सबसे पहले वे स्टेशन अधीक्षक के कमरे में गए और वहां संचालन विधियों के बारे में जानकारी ली और कार्यालय में मौजूद इंट्री रजिस्टरों का निरीक्षण किया।
यहां मिली कमियों को दूर करने की हिदायत देते हुए उन्होंने रजिस्टरों को ठीक ढंग से व सुरक्षित रखने को कहा। उसके बाद वे अपनी टीम के साथ आरक्षण कक्ष में गए और वहां तैनातकर्मी से कंप्यूटर सिस्टम के बारे में पूछा और प्रतिदिन होने वाले टिकट आरक्षण की संख्या जानी।
मॉडल स्टेशन होने के नाते यह स्टेशन बाहर से कैसा दिखता है और यात्रियों के बैठने के लिए बने बेंच व कुर्सियों की दशा देखी और मातहतों को इसे और दुरुस्त करने की हिदायत दी।
स्टेशन पर बनी कैंटीन के निरीक्षण के दौरान पता चला कि यहां पूड़ी सब्जी का पैकेट व रेल नीर की बोतल 15-15 रुपये में यात्रियों को दी जाती है।
डीआएम आलोक सिंह के साथ मौजूद सीनियर डीसीएम नीलिमा सिंह ने भी जाना कि यात्रियों को दिए जाने वाले खाने में किस तरह के तेल का प्रयोग होता है।
सब कुछ ठीक मिलने पर उन्होंने कैंटीन संचालक की तरीफ करते हुए भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया। पूरी टीम उसके बाद शौचालय का जायजा लेने पहुंची।
कुछ कमरों में ताला लगा होने का कारण जानना चाहा तो स्टेशन अधीक्षक दुर्गेश कुमार ने बताया कि ट्रेनों के आने पर सारे शौचालयों के ताले खोले जाते हैं।
बाकी समय ताला लगा दिया जाता है क्योंकि बाहरी लोगों के इस्तेमाल से गंदगी फैलती है। शौचालय के समीप बने भंडार कक्ष के चैनल पर लगे ताले पर जंग लगने व भीतर की गंदगी पर नाराजगी जताते हुए डीआरएम ने उसे ठीक करने का निर्देश दिया।
अंत में स्टेशन पर पेयजल की सुविधा की जांच करते हुए वे अपनी टीम के साथ 3.15 बजे स्पेशल ट्रेन से गोंडा की ओर रवाना हो गए। तकरीबन 45 मिनट तक स्टेशन की चली जांच के दौरान यहां तैनात रेल कर्मियों की सांसें अटकी रही।
जांच टीम में लखनऊ मंडल के सीनियर डीइएन कोऑर्डिनेशन जीतेंद्र कुमार, डीएनजी नानक चंद, सीनियर डीएसओ अनिल कुमार, सीनियर डीएसटी दीपू श्याम के अलावा स्टेशन मास्टर बलिराम प्रसाद व टीआई आपी मिश्रा आदि मौजूद रहे।
लखनऊ मंडल के डीआरएम आलोक सिंह आमान परिवर्तन का कार्य पूरा हो चुका है। टेक्नीकल टीम इस रूट का सर्वे कर चुकी है, जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है।
रिपोर्ट आते ही ट्रेनों के विधिवत संचालन की तारीख तय कर दी जाएगी।
ट्रेनों के संचालन से पूर्व टीम के साथ इस रूट पर पड़ने वाले स्टेशनों का निरीक्षण किया जा रहा ताकि यात्री सुविधाओं को और भी बेहतर बनाया जा सके।
जो भी कमियां देखने में आ रही हैं, उन्हें दूर करने की हिदायत दी जा रही है और जो सुविधाएं नहीं हैं उन्हें ट्रेनों के संचालन से पहले दुरुस्त कर दिया जाएगा।