सलेमपुर। प्रयागराज में पकड़े गए देवरिया जिले के नकली नोट के धंधेबाजों का कनेक्शन कहीं नवलपुर निवासी डॉ. अल्तमश हुसैन से तो नहीं? इसकी चर्चा होने लगी है। दरअसल डॉ. अल्तमश पर नकली दवाओं और जाली नोटों के धंधे में शामिल होने के आरोप हैं और वह फरार है। उसका नेटवर्क भी देवरिया और आसपास के जिलों में फैला हुआ है। इसीलिए पुलिस पकड़े गए धंधेबाजों के साथ डॉ. अल्तमश के नेटवर्क को भी जोड़कर छानबीन कर रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, साधारण परिवार से आने वाले डॉ. अल्तमश ने कम समय में काफी संपत्ति अर्जित कर ली। उसकी कई बड़े शहरों में आलीशान मकान बताए जाते हैं। लखनऊ और दिल्ली से डिग्री हासिल करने वाले डॉ. अल्तमश ने नकली दवाओं का धंधा भी फैला दिया है, जिसका भंडाफोड़ होने के बाद उसके खिलाफ लखनऊ में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। करीब दो साल से वह गांव नहीं आया है। करीब तीन महीने पहले सीतापुर जिले के बिसवां थाना क्षेत्र में पकड़े गए भाई-बहन ने पूछताछ में नकली नोट गिरोह का सरगना डॉ. अल्तमश को बताया था। इसके बाद पुलिस ने उसे आरोपी बनाया और गिरफ्तारी के प्रयास किए, लेकिन वह हाथ नहीं आया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ सीतापुर के लहरपुर, दिल्ली और बहराइच में ठगी समेत अन्य मामलों में प्राथमिकी दर्ज है। इन मामलों में उसकी चिकित्सक पत्नी और एक अन्य व्यक्ति भी नामजद हैं।
इधर, प्रयागराज के सरायइनायत थाना, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में नकली नोट गिरोह के चार सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर अल्तमश का नाम चर्चा में आ गया है।