सिद्धार्थनगर। त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के लेडसर में विद्यालय जा रहे पांच साल के बच्चे को कुत्तों ने घेरकर नोच डाला। इस हमले में वह किसी प्रकार से बचा और उसका इलाज हुआ। ऐसे में अगर आपके घर में छोटे बच्चे हैं और अकेले स्कूल या फिर इधर-उधर निकल जाते हैं तो सतर्क हो जाएं। क्योंकि, कुत्ते हमलावर हो रहे हैं।
यही नहीं अस्पताल में एंटी रैबीज लगवाने वाले पीड़ितों के आंकड़े बता रहे हैं कि जनपद में कुत्तों का हमला बढ़ा है। इंजेक्शन लगवाने वाले लोगों का आंकड़ा दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है। प्रतिदिन औसतन 100 लोगों कुत्तों के वार का शिकार हो रहे हैं। अकेले माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में 35-40 लोग प्रतिदिन पहुंच जा रहे हैं।
वहीं, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इंजेक्शन लगवाने के लिए भी लोगों के आने का सिलसिला जारी है। चौंकाने वाली बात यह है कि हमले के शिकार अधिकांश बच्चे ही हैं, इसलिए पशु के जानकर बच्चों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
महानगरों में घुमंतू कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए नगर निगम की ओर से अभियान चलाकर उन्हें पकड़ा जाता है। समय-समय पर बधिया करण भी किया जा सकता है, जिससे इनकी तादाद बढ़ने न पाए लेकिन जिले में घुमंतू कुत्तों को पकड़ने और उन्हें नियंत्रित करने की नगर पालिका और नगर पंचायत में कोई व्यवस्था नहीं है। इसका नतीजा है कि घुमंतू कुत्तों की संख्या में दिन-ब-दिन वृद्धि हो रही है। यहां पर उन्हें पकड़ने और बधियाकरण करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
पशु के जानकारों के मुताबिक चार साल पहले हुई पशु गणना में इनकी संख्या करीब 19 हजार थी। यह तो शहर से गांव तक गली में घूमने वाले कुत्ते हैं। ऐसे में सोच सकते हैं कि इतनी तादाद में कुत्ते घूम रहे हैं तो कितना खतरा है।