इसमें शव का दस्तावेजीकरण, फोटो व विवरण दर्ज करना, पोस्टमार्टम, मौत के कारण का सत्यापन, औपचारिक पहचान, फिंगरप्रिंट/डीएनए नमूना लेना, पासपोर्ट या पहचान पत्र का सत्यापन, दूतावास स्तर पर समन्वय और अंत में शव सौंपने की प्रक्रिया शामिल है। पहले चार चरण नेपाली अधिकारी पूरे करेंगे।
दूतावास ने बताया कि यदि परिजन नेपाल पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध शवों के फोटो और विवरण से अपने परिजन की पहचान कर लेते हैं तो भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर शव की सुपुर्दगी और भारत वापसी की प्रक्रिया में मदद करेगा।
स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को देखते हुए नेपाल सरकार ने बड़ी संख्या में शवों को अस्थायी रूप से दफन भी किया है। ऐसे मामलों में पहली श्रेणी के परिजनों से डीएनए मिलान कराया जाएगा।
पहचान संभव नहीं होने अथवा शव अस्थायी रूप से दफन किए जाने की स्थिति में नेपाली अधिकारी शवों से डीएनए नमूने लेकर प्रोफाइल तैयार कर रहे हैं। मृतक के माता-पिता, संतान या अन्य प्रथम श्रेणी के परिजन डीएनए प्रोफाइल ईमेल से भेज सकते हैं अथवा आवश्यक जानकारी के साथ रक्त का नमूना दे सकते हैं।
भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
भारतीय नागरिकों के परिजन सहायता के लिए व्हाट्सएप सुविधा वाले इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं
- 985 131 6807
- 970 910 7500
- 981 032 6117
नेपाल पुलिस की डीएनए संबंधी हेल्पलाइन +977 9841 6160 95 भी जारी की गई है।