डीएम की डांट से सदमे में आए कानूनगो को ले जाते कर्मचारी।
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तहसील दिवस में बुधवार को वरासत दर्ज करने में लापरवाही की शिकायत पर डीएम ने ऐसी फटकार लगाई कि कानूनगो सदमे में आ गए। तहसील सभागार में ही गश खाकर गिर पड़ा। घटना से अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में कर्मचारियों ने कानूनगो को अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में पर्याप्त संसाधन न होने के कारण कानूनगो को गोरखपुर रेफर किया गया है।
डीएम के इस रवैए को लेकर कर्मचारी वर्ग में असंतोष है। शोहरतगढ़ तहसील सभागार में बुधवार को तहसील दिवस के तहत सुनवाई चल रही थी। इस दौरान ग्राम पंचायत करौती के भूपेंद्र सिंह ने वरासत संबंधी शिकायती प्रार्थना पत्र डीएम को देते हुए बताया कि एक साल से तहसील का चक्कर काट रहा हूं, कोई सुनवाई नहीं हो रही।
इस पर डीएम ने रजिस्ट्रार कानूनगो विजय कुमार गुप्ता से जवाब तलब किया। जवाब से असंतुष्ट डीएम ने रजिस्ट्रार कानूनगो को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान डीएम ने ऐसी डांट लगाई कि रजिस्ट्रार कानूनगो चीख के साथ सभागार में गिर पड़ा। अचानक हुई घटना से सभागार में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारी व कर्मचारियों ने रजिस्ट्रार कानूनगो को इलाज के लिए एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया।
सीएचसी शोहरतगढ़ के चिकित्साधीक्षक डॉ.अमित उपाध्याय ने प्राथमिक उपचार के बाद रजिस्ट्रार कानूनगो को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि मरीज की हालत सही है। बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। वहां से बाद में कानूनगो को गोरखपुर भेज दिया गया।