बाइक की टक्कर से विवाद, दो गांव के लोग आमने-सामने
मारपीट में युवक समेत तीन लोग हुए जख्मी
मामला दो समुदाय का होने से गांव में पुलिस तैनात
इटवा थानाक्षेत्र के ऊंचड़ीह गांव का है मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
इटवा। थानाक्षेत्र के ऊंचड़ीह गांव में शुक्रवार देर शाम बाइक की टक्कर लगाने के बाद विवाद खड़ा हो गया। इसमें तीन लोगों को पीटकर जख्मी कर दिया गया। मामला दो समुदाय का होने के कारण दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद बढ़ता देख रात में ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। केस दर्ज करने के साथ ही पुलिस ने आठ लोगों को हिरासत में ले लिया है। शांति व्यवस्था बनी रहे इसके मद्देनजर गांव में फोर्स तैनात कर दिया गया है। गंभीर रूप से घायल लोगों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
क्षेत्र के ऊंचडीह गांव निवासी दीपू गुप्ता (22) शुक्रवार देर शाम मोमबत्ती लेकर घर जा रहा था। बताया जा रहा है कि रास्ते में बाइक से हल्की ठोकर से नाराज गुलरिहा निवासी तीन युवक दीपू को मारने लगे। बीचबचाव में धर्मपाल और सीताराम को भी पीटकर घायल कर दिया गया और बाइक क्षतिग्रस्त कर दी गई। दोनों की गांव के बीच महज 300 मीटर की दूरी थी। सूचना मिलते ही दोनों गांवों के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया। वहीं मामले की जानकारी मिलते ही एसओ इटवा वेदप्रकाश श्रीवास्तव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। स्थिति बिगड़ने न पाए, इसे देखते हुए आसपास के थानों की पुलिस फोर्स पहुंच गई। तब तक दोनों गांव के लोग आक्रोशित हो चुके थे। पुलिस टीम के पहुंचने और घंटों समझाने के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद घायलों को इटवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां से गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। एसओ इटवा वेदप्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही आठ लोगों को हिरासत में ले लिया गया। एसपी रामअभिलाष त्रिपाठी का कहना है कि समय रहते आसपास के थानों से पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत हो गया।
फोर्स नहीं पहुंचती तो हो जाता बड़ा विवाद
दोनों गांव के बीच लगभग 300 मीटर की दूरी है। दोनों गांवों में दोनों वर्ग की बड़ी आबादी है। दोनों गांव के लोग आर्थिक रूप से संपन्न हैं। ऐसे में अगर समय से फोर्स न पहुंची होती तो विवाद और बढ़ गया होता। वहीं आसपास के लोगों का कहना है कि गुलरिहा गांववालों ने काफी संयम बरता नहीं तो स्थिति बहुत खराब हो जाती।