सिद्धार्थनगर। न्यायालय के आदेश पर अपर्णा श्रीवास्तव ने बाल कल्याण समिति के चेयरपर्सन का कार्य भार ग्रहण किया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दिसंबर 2022 में उनकी बर्खास्तगी का आदेश रद्द कर दिया है। न्यायालय ने उनके बर्खास्तगी को मनमाना अविधिपूर्ण करार देते हुए दुर्भावना से प्रेरित माना।
उच्च न्यायालय ने पाया कि अपर्णा श्रीवास्तव की बर्खास्तगी का आदेश व सात एवं आठ दिसंबर 2022 का आदेश मनमाना, अविधिपूर्ण और दुर्भावना पूर्ण था तथा उनको सुनवाई का कोई अवसर भी उन्हें नहीं दिया गया था। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) चेयरपर्सन अपर्णा श्रीवास्तव की तैनाती को चयन समिति की संस्तुति पर उत्तर प्रदेश शासन सचिव अनामिका सिंह ने अपने आदेश के जरिये सात दिसंबर 2022 को उनकी नियुक्ति को रद्द कर दिया था।
आदेश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी विनोद राय ने आठ दिसंबर को सूचना प्रदान कर कार्यभार छोड़ने को कहा। इसके बाद नौ दिसंबर को आदेश जारी कर समिति सदस्य राधा श्रीवास्तव को चेयरपर्सन नियुक्त कर दिया।
अपर्णा ने अपने बर्खास्तगी आदेश एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी के दोनों आदेशों को चुनौती देते हुए माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिका दाखिल किया। उच्च न्यायालय पक्षों को नोटिस निर्गत करके सुनवाई की और आदेश निरस्त कर दिया।ि