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सत्ता पक्ष ने सराहा, विपक्षियों की नजर में निराशाजनक

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सत्ता पक्ष ने सराहा, विपक्षियों की नजर में निराशाजनक
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सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश बजट 2021 सोमवार को पेश हुआ। बजट में लिए गए निर्णय सार्वजनिक होते हुए पक्ष-विपक्ष की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। सत्ता पक्ष के नेताओं ने बजट को एतिहासिक बताते हुए हर वर्ग के भलाई की बात कही। जबकि विपक्षी दलों के नेताओं ने सिर्फ लोक लुभावन और निराशाजनक करार दिया।
डुमरियागंज के विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यूपी के बजट में समाज के हर वर्ग की खुशहाली को ध्यान में रखा गया है। महिला, नौजवान, व्यापारी के उत्थान के लिए कई अहम निर्णय लिए गए हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन के क्षेत्र में विशेष प्रावधान किया गया है। पूर्ववर्ती सरकारें सिर्फ खास क्षेत्रों और विशेष वर्ग को ध्यान में रखकर बजट प्रस्तुत करती थीं। कपिलवरूतु के विधायक श्याम धनी राही ने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से देश केे चहुंमुखी विकास के लिए आत्मनिर्भर का जो विजन दिया गया है, उसे मूर्तरूप देने में उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान होगा। इस लक्ष्य की प्रगति के लिए योगी सरकार आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विकास मंत्र पर कार्य कर रही है। इसको ध्यान में रखते हुए बजट पेश किया गया है। शोहरतगढ़ के विधायक चौधरी अमर सिंह ने कहा कि यूपी के बजट में समाज को खुशहाल और समग्र विकास को ध्यान में रखकर कदम उठाए गए हैं। ऐसा बजट कभी नहीं आया। भाजपा के जिलाध्यक्ष गोविंद माधव ने कहा कि उत्तर प्रदेश का बजट पेश होने के बाद निश्चय ही प्रदेश की खुशहाली का रास्ता प्रशस्त होगा। बिजली, पानी और सड़क पर बजट में फोकस किया गया है। बजट शोषित, वंचित का भविष्य संवारेगा। लोकतांत्रिक भावना से बजट भरा है। समावेश बजट पेश किया गया। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास को सार्थक बनाया।
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सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव ने कहा कि यूपी का बजट सभी वर्ग को धोखा देने के साथ ही पूंजीपतियों को लाभ देने वाला बजट है। किसानों के साथ धोखा हुआ है। यह सरकार सिर्फ उद्योगपतियों को लाभ पहुंचा रही है। प्रदेश में गंगा नदी तो साफ नहीं हुई, बजट साफ हो गया। भाजपा सरकार में हर वर्ग परेशान है। बजट में किसानों, युवाओं के लिए कोई खास नहीं है। बसपा के जिलाध्यक्ष दिनेश गौतम ने कहा कि उत्तर प्रदेश का बजट भी केंद्र सरकार की भांति है। यह बजट खासकर बेरोजगारी की क्रूरता दूर करने के लिए रोजगार आदि के मामले में अति-निराशा करने वाला है। केंद्र की तरह प्रदेश के बजट में जनता को वायदे के साथ हसीन सपने दिखाने का प्रयास किया गया है। केंद्र और प्रदेश में एक ही पार्टी की सरकार के बाद भी बजट संतोषजनक नहीं रहा। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने कहा कि यूपी बजट में न लघु उद्योग को समर्थन, न किसान के बर्बाद फसल की बात, न गन्ना भुगतान पर स्पष्टता। नौजवानों के रोजगार पर निजी क्षेत्र का पहरा है। बुंदेलखंड के उन किसानों की आत्म हत्याओं पर चुप्पी है। ये सरकार की अपनी राग, अपनी डफली है। किसानों के साथ धोखा, नौजवानों के साथ विश्वासघात है।
‘पूर्वांचल के विकास का रफ्तार मिलेगी’
सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि यूपी बजट सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास वाला है। पहली बार बजट की थीम समग्र और समावेशी है। महिला सामर्थ्य योजना के माध्यम से आधी आबादी को सम्मान दिलाया जाएगा। पूर्वांचल के विकास को रफ्तार देने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए हैं।
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‘विकास का मार्ग प्रशस्त करने वाला बजट’
बेसिक शिक्षा राज्य मंद्घी डॉ. सतीश द्विवेदी ने कहा कि यूपी का बजट अब तक का एतिहासिक और विकास का मार्ग प्रशस्त करने वाला है। इस बजट में आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन के साथ अवस्थापना विकास के साथ जन स्वास्थ्य, मानव संपदा एवं सामाजिक, सांस्कृतिक विकास तथा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के विकास पर विशेष जोर दिया गया है।
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