सिद्धार्थनगर। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच अफवाह के चलते पेट्रो पदार्थों के लिए मारामारी के बीच जिले के तीन पंपों द्वारा पेट्रोल का उठान और वितरण नहीं किया गया।
जिला प्रशासन और पूर्ति विभाग ने इन पंप संचालकों को बार-बार लिखित और मौखिक निर्देश दिए, लेकिन उठान और वितरण नहीं किया गया। इसके बाद डीएम शिवशरणप्पा जीएन के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी ने तीनों पंप का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
उनका कहना है कि निर्देश के बावजूद उठान और वितरण नहीं करने से क्षेत्र के लोगों को डीजल, पेट्रोल प्राप्त होने में असुविधा हो रही है और अफवाहों को बल मिला। इस तरह अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने के कारण यह कार्रवाई की गई।
अमेरिका, इस्राईल और ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध के बाद जिले में गैस के साथ ही ईंधन का संकट गहरा गया। इससे गैस सिलिंडर के लिए एजेंसियों पर और पेट्रोल एवं डीजल के लिए पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ गई। इससे जहां लोगों को सांसत झेलनी पड़ी, वहीं प्रशासन एवं पूर्ति विभाग को इसे नियंत्रित करने में पसीना छूट गया। इस बीच कुछ पंपों के ड्राई होने के बोर्ड लगने के बाद सतर्क हुए प्रशासन एवं पूर्ति विभाग को सभी को निर्देश दिए कि वह रेगुलर उठान और वितरण जारी रखें। इसके बावजूद जिले के तीन पंप किसान सेवा केंद्र हरिजोत इटवा, सावित्री देवी बेचन लाल, सेखुई, डुमरियागंज और अवध किसान सेवा केंद्र मस्जिदिया इटवा की ओर से दो सप्ताह से अधिक समय से ईंधन (पेट्रोल व डीजल) का उठान नहीं किया था।
जिला पूर्ति अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि इस संबंध में इनको कई बार लिखित व मौखिक निर्देश दिए गए कि तत्काल उठान और वितरण करना सुनिश्चित करें। इसके बाद भी इनके द्वारा कोई अपेक्षित सहयोग नहीं किया गया। उनके इस कृत्य से संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं को डीजल-पेट्रोल मिलने में असुविधा हुई, वहीं अफवाहों को बल मिला। इसके कारण उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई।
पांच में दो ने किया सुधार : जिले में ऑयल कंपनियों के स्थापित 120 पेट्रोल पंपों में अधिकांश ने वर्तमान वैश्विक संकट के दौरान लगातार पेट्रोल और डीजल का उठान करते हुए वितरण किया जबकि कुछ ने इसमें लापरवाही बरती। इसमें से कई ने बीच में पेट्रो पदार्थों का उठान और वितरण बंद कर दिया। इससे जिला पूर्ति अधिकारी ने लापरवाही बरत रहे पंप संचालकों को नोटिस जारी किया, जिसके बाद दो पंप संचालकों ने व्यवस्था में सुधार कर लिया जबकि तीन पंप संचालकों ने नोटिस के बावजूद उठान-वितरण नहीं किया और उचित स्पष्टीकरण भी नहीं दिया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
नो स्टॉक से बढ़ी घबराहट, घंटों कतार में लगे लोग : पेट्रोल-डीजल खत्म होने के अफवाह के चलते 10 दिन पूर्व जिले के सभी पंपों पर वाहन चालकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।