शाहपुर। डुमरियागंज नगर के बैदौला में चल रही नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में दूसरे दिन शुक्रवार की रात कथावाचक संत सर्वेश ने शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया। इसे सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो गए।
कथा व्यास ने शिव विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि पर्वतराज हिमालय की घोर तपस्या के बाद माता जगदंबा प्रकट हुईं और उन्हें बेटी के रूप में उनके घर में अवतरित होने का वरदान दिया। बेटी के बड़ी होने पर पर्वतराज को उसकी शादी की चिंता सताने लगी। कहा कि माता पार्वती बचपन से ही बाबा भोलेनाथ की अनन्य भक्त थीं। संवाद