जोगिया कोतवाल में प्रोजेक्ट मैनेजर से वार्ता करते एसओ।
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सिद्धार्थनगर। नेशनल हाइवे के निर्माण में देरी से बढ़ते हादसों पर सख्त हुई पुलिस ने रविवार को कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को थाने में तलब कर लिया। निर्माण में देरी पर आपत्ति जताते हुए काफी देर तक पूछताछ की। प्रोजेक्ट मैनेजर को पुलिस ने करीब तीन घंटे तक थाने में रोके रखा। जल्द निर्माण की हिदायत के बाद उन्हें छोड़ा गया।
एनएच-233 के रुधौली-ककरहवा खंड का निर्माण पिछले तीन वर्ष से चल रहा है। निर्माण कार्य को इस वर्ष जून में ही पूरा होना था, मगर नवंबर बीतने के बाद भी महज 28-30 किलोमीटर सड़क ही बन पाई है। अधूरे हाईवे पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत ककरहीं पुल से नौगढ़ और ककरहवा तक है। कई स्थानों पर सड़क के गड्ढे जानलेवा हो गए हैं। धूल-मिट्टी से लोग बीमार हो रहे हैं। सर्दी में कोहरे के चलते हादसों की संख्या बढ़ गई है। सुगम यातायात में रोड़ा बन रही अर्द्धनिर्मित सड़क को लेकर बढ़ते जनाक्रोश के मद्देनजर जोगिया कोतवाली पुलिस ने रविवार को कार्यदायी संस्था एचसीसी के प्रोजेक्ट मैनेजर को तलब किया। थाने में बैठाकर उनसे पूछताछ की गई।
प्रोजेक्ट मैनेजर चंदन कुमार ने बताया कि पिछले दिनों बाढ़ के कारण काम प्रभावित हुआ था।
जगह-जगह निर्माण सामग्री पानी में बह गया। कई जगह निर्मित सड़क भी कट गई। इसके चलते काम प्रभावित हुआ है। कुछ धनाभाव भी कारण है। अब निर्माण को तेजी दी गई है। जल्द ही सड़क दुरुस्त करा दिया जाएगा। करीब तीन घंटे तक पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। इस संबंध में जोगिया कोतवाली प्रभारी हरिनारायण दीक्षित ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर प्रोजेक्ट मैनेजर को थाने में बुलाकर पूछताछ की गई है। सड़क पर बढ़ते हादसों में कमी के लिए जल्द निर्माण कराने की हिदायत दी गई है।