संवाद न्यूज एजेंसी
मन्नीजोत। डुमरियागंज थाना क्षेत्र के धनोहरा गांव में राप्ती में नहाने गए सेखुई गोबर्धन गांव निवासी एक युवक की डूबकर मौत हो गई। परिजनों के आग्रह के बाद पुलिस ने पंचनामा करके लाश को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया।
डुमरियागंज थाना क्षेत्र के सेखुई गोबर्धन गांव निवासी ताहिर सिद्दीकी (28) अपने दोस्तों के साथ धनोहरा गांव के पुल के पास नहाने गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसला और वह राप्ती नदी के गहरे पानी में चला गया। तैरना न आने के कारण ताहिर डूबने लगा। जब तक उसके दोस्त उसे बचाने का प्रयास करते तब तक बाढ़ के पानी के तेज बहाव में बहने लगा। किसी तरह लोगों ने काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकालाकर बेंवा सीएचसी ले गए। जहां डॉक्टरों ने ताहिर को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची डुमरियागंज पुलिस ने शव का पंचनामा कर परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया है। प्रभारी निरीक्षक डुमरियागंज शैलेश कुमार सिंह ने कहा कि परिजनों ने लाश का पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया है। लाश का पंचनामा कर परिजनों को सौंप दिया गया है।
बच्चे के जन्म से पहले ही चल बसे पिता
डुमरियागंज। मृतक ताहिर सिद्दीकी अपने पीछे पत्नी व चार साल की बेटी नाजिया खातून को छोड़ गए। पति के लाश के पास बेसुध बैठी गर्भवती पत्नी नफीसा खातून एकाएक ही दहाड़े मारकर रोतीं और फिर चुप हो जाती। मां को रोते देख मासूम नाजिया भी रोने लगती। रोते हुए नफीसा कहती कि अल्लाह ने यह क्या कर दिया। आठ माह की गर्भवती नफीसा कभी लाश तो कभी होने वाले बच्चे के बारे में मन ही मन बुदबदाती कि पैदा होने से पहले ही खुदा ने उसके सिर से बाप का साया छीन गया। यह कैसा इंसाफ है। नफीसा की हालत देख मौजूद ग्रामीण व महिलाओं की भी आंखों नम हो उठीं।