उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में एगडेंगवा गांव स्थित पुनेश्वर आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में बृहस्पतिवार शाम मिली लाश पड़ोस के गांव की रहने वाले खदेरू की बेटी बिंजल (25) की थी। खदेरू ने शुक्रवार को लाश बेटी की होना स्वीकार करते हुए पुलिस को बताया कि बेटी बीते मंगलवार से लापता थी। हालांकि वह यह नहीं बता सका कि बेटी की गुमशुदगी की सूचना उसने पुलिस को क्यों नहीं दी थी। पहचान होने के बाद पुलिस हत्यारे तक पहुंचने के लिए जांच में जुट गई है।
क्षेत्र के एगडेंगवा गांव स्थित पुनेश्वर आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में बारात ठहराने की व्यवस्था किए जाने के दौरान बृहस्पतिवार को बिंजल का क्षत-विक्षत शव मिला था। हत्यारे ने बिंजल के मुंह में कपड़ा ठूंसा था और उसके हाथ भी पीछे बांध दिए थे। सूचना मिलने पर इकट्ठा हुए गांववालों में बिंजल का पिता खदेरू भी था।
शुक्रवार को गांव में चर्चा हुई कि युवती की लाश खदेरू की बेटी बिंजल की है। गांव के कुछ लोग खदेरू से मिले तो उसने फोटो देखने के बाद माना कि लाश उसकी बेटी की ही है। पुलिस को भी उसने जानकारी दी। बताया कि बिंजल बीते मंगलवार की शाम संदिग्ध हालात में घर से लापता हो गई थी।
रातभर तलाश किया लेकिन नहीं मिली। बदनामी के डर से बेटी के लापता होने की सूचना नहीं दी और परिजन चुपचाप उसे तलाशते रहे। पूछा गया कि बृहस्पतिवार को लाश देखी थी तो उस समय क्यों पहचान नहीं की, उसने कोई जवाब नहीं दिया। सीओ इटवा श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि शव का शिनाख्त होने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बंद कमरे का ताला कैसे खुला यह भी सवाल
बताया जा रहा है कि लॉकडाउन के बाद से विद्यालय और कमरा दोनों बंद था। बरात आनी थी, इसलिए उसे खोला गया था। अब उसे कमरे में लाश कैसे पहुंची यह बड़ा सवाल है। इन सवालों के पीछे हत्यारे और हत्या का राज छुपा हो सकता है।