सकारपार। रसोई गैस की किल्लत को देखते हुए लगभग सभी गैस एजेंसियों की तरफ से होम डिलीवरी का काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए उपभोक्ताओं को अपनी गैस की बुकिंग करनी होगी और 48 घंटे में घर बैठे गैस सिलिंडर पा सकेंगे, इसके लिए उन्हें डीएसी बताना होगा। लेकिन, बुकिंग के बाद सिलिंडर लेने में डीएसी (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) इन दिनों उपभोक्ताओं के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है।
गैस बुकिंग के बाद एजेंसियों द्वारा उपभोक्ताओं से डीएसी मांगकर अपने मोबाइल से मिलान करने के पश्चात ही सिलिंडर दिया जाता है। लेकिन कमजोर इंटरनेट और नेटवर्क की समस्या के चलते उपभोक्ताओं के डीएसी नंबर का मिलान नहीं हो पा रहा है। ऐसी दशा में बुकिंग के बाद भी उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। इससे उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के जगदीश विश्वकर्मा, चंद्र प्रकाश गुप्ता, रमई, राजन, रमेश, गिरजापति आदि उपभोक्ताओं ने बताया कि गैस बुक करने के बाद मोबाइल पर एक डीएसी नंबर आ जाता है। यह नंबर दिखाने के बाद ही डिलीवरी मैन उपभोक्ताओं को सिलिंडर देता है, लेकिन इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की धीमी गति के कारण डीएसी नंबर समय पर नहीं पहुंच पाता है। अगर डीएसी नंबर आ भी जाता है तो डिलीवरी मैन के मोबाइल से मिलान नहीं हो पा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को घंटों लाइन में खड़ा होकर गैस सिलिंडर के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि डिलीवरी मैन घर तक सिलिंडर लेकर पहुंच जाते हैं, लेकिन डीएसी नंबर न मिलान होने की स्थिति में सिलिंडर वापस ले जाने की नौबत आ जाती है। इससे उपभोक्ताओं को सिलिंडर लेने के लिए न दोबारा इंतजार करना पड़ता है, बल्कि उनके घरेलू कार्य भी प्रभावित होते हैं।