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मंदिर के पास लावारिस हाल में मिलीं दो बच्चियां

Sat, 28 Apr 2018 10:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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चिल्हिया क्षेत्र में लावारिस हाल में मिलीं बच्चियां। - फोटो : अमर उजाला
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चिल्हिया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारों के बीच इंसानियत को शर्मसार करती हरकत सामने आई है। दो मासूम बच्चियों को शनिवार की सुबह घरवालों ने पल्टा देवी के जंगल में छोड़ दिया। समय माता मंदिर पर लावारिस हाल में मिली बच्चियों की उम्र करीब एक वर्ष व 4 माह बताई जा रही है। काफी खोजबीन के बाद भी उनके घरवालों का पता नहीं चला। भूख-प्यास से व्याकुल बच्चियों की चीख सुनकर पहुंचे पास के टेकनार गांव के लोगों ने उन्हें उठाया और फिर पुलिस को सूचना दी। बाल संरक्षण समिति ने दोनों बच्चियों को अपने संरक्षण में ले लिया है। मेडिकल परीक्षण में उनकी हालत सामान्य मिली है। 
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चिल्हिया से पल्टा देवी को जाने वाले मार्ग पर टेकनार गांव के पास जंगल में समय माता मंदिर में शनिवार की सुबह बच्चे के रोने की आवाज आई। दर्शन-पूजन को पहुंचे लोग वहां गए तो दो बच्चियां चीख रही थीं। उनके चेहरों पर कई जगह मच्छरों ने काट रखा था। कुछ ही देर में मौके पर भीड़ जुट गई। काफी देर आस-पास बच्चियों के परिजनों की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में सूचना 100 नंबर पर दी गई। मौके पर पहुंची चिल्हिया पुलिस ने भी छानबीन की, मगर कोई वारिस नहीं मिलने पर चाइल्ड लाइन व बाल कल्याण समिति को अवगत कराया। रोती बच्चियों को ग्रामीणों ने दूध-पानी पिलाया, तब वह शांत हुईं। एसओ ब्रह्नानंद गौड़ ने बताया कि बच्चियों को बाल कल्याण समिति को सुपुर्द कर दिया गया है।
उधर, बाल कल्याण समिति के प्रभारी विनोद मिश्र का कहना था कि बच्चियों की उम्र करीब एक वर्ष व तीन माह है। चेहरे से दोनों बहन प्रतीत हो रही हैं। उन्हें डॉक्टर की निगरानी में रखा गया है। फिलहाल स्थिति ठीक है। परिजनों की तलाश जारी है। वहीं, चाइल्ड लाइन के सुनील उपाध्याय ने बताया कि रविवार तक घरवालों के न मिलने पर दोनों बच्चियों को गोरखपुर के सरस्वती शिशु बाल गृह में भेज दिया जाएगा। 
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