जिले में तेजी से बढ़ते अपराध के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। चुनावी माहौल में बढ़ते अपराध को आला अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। कानून के ढीले पेंच कसने के लिए शनिवार को आईजी, डीआईजी जिले में पहुंचे। पुलिस लाइंस सभागार में मातहतों की बैठक लेकर उच्चाधिकारियों ने अपराध की समीक्षा की।
इस दौरान कई थानाध्यक्षों को अपने क्षेत्र में अपराध रोकने में नाकाम रहने पर कड़ी फटकार लगी। आईजी ने डेडलाइन तय करते हुए स्पष्ट कहा कि निर्धारित अवधि में हर हाल में मामले का खुलासा होना चाहिए।
अपराधी गिरफ्त में हों।
पुलिस लाइंस सभागार में करीब दो घंटे तक चली बैठक में आईजी पीसी मीणा ने थानावार क्राइम रिपोर्ट की पड़ताल की। बढनी और भीमापार में हुई ताजा घटनाओं का अपडेट मांगा। प्रगति न होने पर नाराजगी जताई।
आईजी ने अपराध के लंबित मामलों को त्वरित गति से निपटाने, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी, दबंग किस्म के लोगों को पाबंद करने, शेष लाइसेंसी असलहों को चुनाव से पूर्व जमा कराने और एनबीडब्लू के मामलों में शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। बैठक में डीआईजी लक्ष्मीनारायण, पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी, एएसपी मंशाराम गौतम, सीओ अकमल खां, सदर एसओ शिवाकांत मिश्रा सहित सभी थानों के प्रभारी मौजूद रहे।