पाकिस्तान में छपे जाली नोट लाकर सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, महराजगंज जिलों में खपाने वाले अंतर्राष्ट्रीय रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के लीडर और उसके चार साथियों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से एक हजार और पांच सौ के कुल 159 नकली नोट भी बरामद किए हैं।
भारत में ये नोट नेपाल के रास्ते पहुंचते थे। इस बार भी तस्कर नेपाल से नोट लाकर जिले में सौदेबाजी की फिराक में थे। जिला पुलिस की सूचना पर पहुंची एटीएस ने भी जाली नोट के तस्करों से पूछताछ की है।
स्पेशल ब्रांच टीम को भी रिपोर्ट भेजी जा रही है। पुलिस आफिस में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि जिले के बैंकों में नकली नोट पहुंचने का मामला सामने आने के बाद थाना सिद्धार्थनगर, भवानीगंज और स्वॉट की संयुक्त टीम को छानबीन में लगाया गया था। पड़ताल के दौरान टीम को अहम सुराग मिले। इस बीच बर्डपुर रोड स्थित महदेइया गांव के पास नकली नोटों की डील होने की सूचना पर पुलिस टीम ने मौके से पहुंचकर गैंग लीडर व उसके चार साथियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 1 हजार के 41 और पांच सौ के 118 जाली नोट बरामद किए गए।
पकड़े गए तस्कर में कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र के गनवरिया गांव निवासी महफूज अहमद, चिल्हिया थाना के सिसहनिया के मो.रईश अहमद, मोतीपुर निवासी मुश्ताक अहमद, बर्डपुर नंबर 13 के श्याम सुंदर यादव, मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के पिपरी पठानडीह निवासी महमूद शामिल हैं। तस्करों ने पूछताछ में बताया कि यह नोट पाकिस्तान में छपते हैं। वहां से बांग्लादेश के रास्ते बंगाल, बिहार होते हुए नेपाल पहुंचता है।
पाल के वीरगंज से वह नोट लाकर सीमावर्ती जिलों में खपाते थे। उन्हें नकली नोट भारतीय मुद्रा के आधे दाम पर हासिल होता था।
एसपी ने पुलिस टीम को 10 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि इसकी सूचना केंद्र सरकार को भेज दी गई है। एटीएस की टीम ने जिले में आकर तस्करों से पूछताछ की है। स्पेशल ब्रांच टीम को भी अवगत कराया जा रहा है।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल ः जाली नोट के तस्करों को दबोचने वाली पुलिस टीम में सिद्धार्थनगर थानाध्यक्ष शिवाकांत मिश्र, भवानीगंज एसओ गिरिजेश उपाध्याय, स्वाट टीम के मुख्य आरक्षी रामसमुझ प्रभाकर, मुबारक खां, दिनेश राय, देवेंद्र यादव, दिनेश यादव, आशुतोष तिवारी, रमेश यादव, गौरव सिंह, सर्विलांस सेल के देवेश यादव, राकेश कन्नौजिया शामिल रहे।