एसडीएम और तहसीलदार भी पहुंचे पीड़ित परिवार के घर।
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बर्डपुर (सिद्धार्थनगर)। प्रशासन की नींद तो टूटी, लेकिन देर से। रामकुमार की मौत हो चुकी है और उसकी पत्नी व बच्चे रो-रोकर बेहाल हैं। ऐसे में रामकुमार के घर पहुंचा प्रशासनिक अमला अब पीड़ित परिवार को राहत और सुविधाएं देने में जुट गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम शनिवार रात 10 बजे ही पहुंच गई थी। डॉक्टरों ने यहां रामकुमार के बीमार बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण किया और दवा दी। रविवार सुबह पीड़ित परिवार को राशन और सिलेंडर मुहैया करा दिया गया।
बर्डपुर कस्बे में शनिवार को रामकुमार की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया। सदर तहसीलदार एसके ओझा ने रात में ही सीएचसी बर्डपुर के चिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध चंद्र को भेजकर रामकुमार के बीमार बेटे के स्वास्थ्य की जांच कराई। रविवार को तहसीलदार खुद प्रभारी एसडीएम उमेश चंद्र निगम के साथ रामकुमार के घर पहुंचे और परिवार की आर्थिक स्थिति की जानकारी हासिल की। सच्चाई ज्ञात होने पर उन्होंने रामकुमार की पत्नी रीना देवी को विधवा पेंशन, पारिवारिक लाभ, मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहयोग, आवास एवं अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। तहसीलदार ने सीडीपीओ के माध्यम से बच्चों के लिए पोषाहार भी उपलब्ध कराया। बीमार बच्चे एवं उसके परिवार के स्वास्थ्य की देखभाल की जिम्मेदारी सीएचसी की टीम को दी गई है। ग्राम प्रधान विनीता यादव ने गैस कनेक्शन एवं ग्राम सभा के कोटेदारों के सहयोग से राशन की व्यवस्था करा दी है।
उधर, मौत की खबर सुनकर बर्डपुर पहुंचे रीना के भाई ललित ने कहा कि रामकुमार की आर्थिक स्थिति दयनीय थी। उसने भी अपनी हैसियत के मुताबिक बहन और जीजा की मदद की थी। रामकुमार के घर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ओमप्रकाश यादव व हल्का लेखपाल अनंग नाथ शुक्ल भी पहुंचे थे।
फंद से लटकने से हुई रामकुमार की मौत
रामकुमार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ चुकी है। एसओ मोहाना आलोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उसकी मौत फंदे से लटकने की वजह से हुई है। रिपोर्ट में गले में खींचाव से मौत की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि रामकुमार खाली पेट नहीं था। उसके पेट में पचा हुआ भोजन मिला है।