वाराणसी में 43 बोरों में मिले 1969 कछुएं, दबोचे गए दो तस्कर
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बर्डपुर। मोहाना थाना अंतर्गत निरंजनपुर गांव के पास भारत-नेपाल सीमा से शुक्रवार को पुलिस, एसएसबी और वन विभाग की संयुक्त टीम ने दुर्लभ प्रजाति के कछुओं के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया। रंग-बिरंगे कछुओं को बोरे में रखकर तस्कर बिक्री के लिए नेपाल ले जा रहा था। पूछताछ के बाद उसे वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत जेल भेज दिया गया।
शुक्रवार की रात गश्त के दौरान ककरहवा चौकी पुलिस को मुखबिर ने एक तस्कर द्वारा दुर्लभ प्रजाति के कछुओं को लेकर नेपाल की ओर जाने की सूचना दी। एसएसबी व वन विभाग की टीम को साथ लेकर चौकी इंचार्ज रामेश्वर यादव नेपाल सीमा के पास निगाह जमाकर बैठ गए। रात करीब डेढ़ बजे निरंजनपुर गांव के पास पिलर संख्या 544/36 के पास एक व्यक्ति सिर पर सफेद बोरा रखकर नेपाल सीमा की ओर जाता दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसे आवाज लगा कर रोका, तो वह भागने लगा। घेरेबंदी कर उसे दबोच लिया गया। तलाशी के दौरान बोरे से दुर्लभ प्रजाति के 17 कछुए बरामद हुए। इसमें एक काला, दो लाल व 14 कछुए भूरे रंग के थे। पकड़े गए व्यक्ति ने पूछताछ में खुद को राममिलन, निवासी ग्राम सिसई थाना मुर्गिहवा (नेपाल) बताया।
उसने बताया कि वह कछुए भारत से ले जाकर नेपाल में ऊंचे दामों पर बेचता है। पुलिस ने बरामद कछुओं को वन विभाग को सौंप दिया और आरोपी को जेल भेज दिया। टीम में एसओ सौदागर राय, एसआई मनोज सिंह, वन दरोगा ध्रुवचंद उपाध्याय, एसएसबी के सोहन सिंह, मुकेश कुमार यादव, प्रदीप कुमार तिवारी, सूर्यकांत सिंह, विजेंदर सिंह, बेचन साहनी शामिल रहे। वन दरोगा ध्रुवचंद उपाध्याय के मुताबिक कछुए दुर्लभ प्रजाति के हैं। हालांकि इनकी अनुमानित कीमत के बारे में कोई वह कोई जानकारी नहीं दे सके।