सिसवा बुजुर्ग गांव में मृतका सविता की बच्चे अपने नाना-नानी के पास।
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गोल्हौरा। थाना क्षेत्र के मझवन गांव के टोला जिगिनिहवा में शुक्रवार सुबह संदिग्ध में हाल में एंबुलेंस संचालक दंपति झुलस गए। परिजनों ने दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां हालत गंभीर देख परिजनों ने दोनों को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। ले जाते समय रास्ते में ही पत्नी ने दम तोड़ दिया जबकि पति का गोरखपुर में इलाज चल रहा है। वहीं, लाश को जलाने की कोशिश करते समय मामले की जानकारी सीओ को हुई तो उनकी तत्परता से पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। महिला चार माह की गर्भवती बताई जा रही है और जलाकर मारने की बात सामने आ रही है।
जोगिया कोतवाली क्षेत्र के सिसवा बुजुर्ग गांव निवासी हनुमान ने करीब 10 वर्ष अपनी पुत्री सबिता (28) की शादी गोल्हौरा क्षेत्र के मझवन गांव के टोला जिगिनिहवा निवासी मनिकचंद (35) के साथ की थी। मनिकचंद सरकारी एंबुलेंस सेवा में सहायक के रूप में काम करता था। बताया का जा रहा है कि शुक्रवार सुबह लगभग आठ बजे संदिग्ध हाल में कमरे में दोनों जलने लगे। चीख-पुकार सुनकर जब तक परिवार के अन्य सदस्य घर में पहुंचते और बचाने की कोशिश करते सबिता गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। साथ ही मनिकचंद भी झुलस गया था। आनन-फानन मेें दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने दोनों को गोरखपुर मेेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। गोरखपुर ले जाते समय रास्ते मेें सबिता की मौत हो गई। जबकि पति का गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। परिजन यह भी आरोप लगा रहे हैं कि चार माह की गर्भवती बेटी जलाकर मारा गया है। वहीं देर शव घर ले जाकर जलाने की कोशिश की जा रही थी। मामला सीओ इटवा श्रीयश के संज्ञान में आया जो उन्होंने स्थानीय पुलिस को मौके पर भेजा। इसके बाद पुलिस ने शव को पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस संबंध में एसओ अवधनरायन यादव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अभी तक तहरीर नहीं मिली है, तहरीर मिलने के बाद मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
नानी, मम्मी के पास जाना है
सबिता की मौत से जहां मायके वालों को गहरा आघात लगा है। वहीं, उसके तीन छोटे-छोटे बच्चों का रो-रोककर बुरा हाल है। बच्चों को बिलखता देख हर किसी की आंखें नम हो जा रही थीं। मौत के बाद तीन बच्चे अपनी नानी के साथ घर चले आए हैं। सबिता के तीन बच्चों में महिमा आठ वर्ष, मोहिनी छह वर्ष और सबसे छोटा दो वर्षीय पुत्र स्वागत है। स्वागत रुक-रुककर अपनी नानी से यह सवाल कर रहा था कि नानी मम्मी कहां गई हमें मम्मी के पास जाना है। हमें हमारी मम्मी के पास ले चलो। स्वागत के जुंबा से निकले इस शब्द को सुनने के बाद हर कोई भावुक हो जा रहा था। जलते समय मां को पकड़ लेने से स्वागत के कान के पास हल्का जल गया। वहीं, बड़ी बेटी महिमा का कहना था कि जिस वक्त यह घटना हुई उस समय पापा ने पैसे देकर दोनों को बहनों को चौराहे पर भेज दिया है। जब घर लौटी तो पता चला की मम्मी जल गई है और उसे अस्पताल ले जा रहे हैं।