सिद्धार्थनगर। अंधेरे में बसर करने वाले गरीबों के घरों को रोशन करने वाली सौभाग्य योजना जांच के घेरे में आ गई है। कनेक्शन के एवज मेें रुपये लेने का मामला सामने आने के बाद शासन ने जांच के आदेश दिए हैं। एंटी करप्शन टीम के निर्देश पर स्थानीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। टीम कनेक्शन पाने वाले लाभार्थियों से वार्ता कर रिपोर्ट तैयार कर रही है। शासन को रिपोर्ट जाने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू होगी। माना जा रहा है कि अगर रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई हुई तो कई लोग जांच के घेरे में फंसेंगे।
प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद अंधेरे में जीवन गुजार रहे बीपीएल और अंत्योदय कार्डधारकों को प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत निशुल्क कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू हुई। कुछ समय बाद यह बात सामने आई कि निशुल्क कनेक्शन होने के बाद भी रकम ली जा रही है। मामला शासन तक पहुंचा तो शासन ने एंटी करप्शन टीम को जांच का जिम्मा सौंपा। इस संबंध में एएसपी मुन्ना लाल सिंह ने बताया कि टीम का पूरा सहयोग जांच में किया जाएगा।
जिले मेें बांटे गए हैं नौ हजार कनेक्शन
अधिशाषी अभियंता पीएन प्रसाद ने बताया कि जिले में सौभाग्य योजना के तहत नौ हजार परिवारों को कनेक्शन बांटे गए हैं। जांच टीम के सूत्रों की माने तो लाभार्थियों की सूची के माध्यम से सीधे संपर्क कर बयान लिया जा रहे हैं। इसमें पूछा जा रहा है कि कितनी रकम ली गई। कौन- कौने से दस्तावेज जमा कराए गए। अब तक कनेक्शन का पेपर मिला या नहीं। गौरतलब है कि योजना के तहत लाभार्थी को निशुल्क कनेक्शन के साथ उसके घर पर बिजली का मीटर लगाने तक का नियम है।