गायों को कैद करके छोड़ा, चारा, पानी न दिया
20 जनवरी को ग्रामीणों ने कांस्टेबल और चालक को बनाया था बंधक
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर/चिल्हिया। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के करौना गांव में एक घर में प्रशासन की ओर से पशुओं को कैद कर दिया गया। न तो उन्हें चारा दिया गया और न पानी। भूख से बेहाल पशुओं की सुध लेने वाला कोई नहीं है। इन्हीं पशुओं को जोगिया से ट्रक में भरकर ले जाते समय करौना चौराहे पर 20 जनवरी को छोड़ते समय विवाद भी हुआ था। इस पर ग्रामीणों ने एक कांस्टेबल और ट्रक चालक को बंधक बनाया लिया था। तब से ये पशु बिना चारा-पानी के बंद थे। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों के प्रयास से कैद किए गए पशुओं को दूसरे गोशाला में भेजवाया गया।
सोमवार को जोगिया ब्लॉक के जोगिया चौराहे से पशुओं को ट्रक में भरकर दूसरी गोशाला में ले जाया जा रहा था। इस बीच करौना गांव के पास पशुओं को ट्रक से छोड़ता हुआ देख ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे। इसके बाद ट्रक पर मौजूद पुलिसकर्मी और ट्रक चालक को बंधक बना लिया था। जानकारी पर जोगिया, चिल्हिया और शोहरतगढ़ थाने की पुलिस पहुंची। लेकिन ग्रामीण मान नहीं रहे थे। इसके बाद मामले को उलझते हुए देख एसडीएम शोहरतगढ़ अनिल कुमार लोगों को आश्वासन दिया कि पशुओं को सुबह होते ही अन्य गोशाला में भेजा जाएगा। यह कहकर चौराहे पर बने एक घर में 25 गायों को कैद कर दिया गया था। उन्हें दूसरे दिन सुबह ले जाना था। मगर दिन दिन गुजर गए न दाना न पानी पशु वहीं बंद पड़े थे। मामले की जानकारी होने के बाद ग्रामीण फिर आक्रोशित हो उठे। क्षेत्र के ग्रामीण मनोज मिश्र, अर्जुन मिश्र, आलोक मिश्र, रामरतन पासवान, राम आशीष यादव, गोली यादव, भगवंत यादव, मोहित दुबे, दिलीप मिश्रा आदि ने कहा कि मंगलवार से बृहस्पतिवार हो गया, लेकिन क्षेत्र को प्रशासन ने झूठा आश्वासन देकर क्षेत्र के लोगों को बहकाया है। इस पर प्रशासन ने आनन-फानन पशुओं को खेतवल मिश्र में बन्री अस्थायी गोशाला में भेजवाया गया। एसडीएम अनिल कुमार ने बताया कि पशुओं को दूसरी गोशाला में भेजवाया गया है।
फोटो-
फसल बचाने के लिए कर रहे रतजगा
भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र में छुट्टा पशुओं पर अंकुश नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
बिस्कोहर। सर्द रात में जहां लोग घरों में दुबक जाते हैं, वहीं, किसानों की रात खेतों में गुजर रही है। छुट्टा पशुओं से फसल बचाने के लिए पूरी रात खेतों में रहते हैं। इसके बाद भी पशु फसलों को खा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार समस्या को लेकर गंभीर नहीं है।
भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के बिस्कोहर, बेलवा बाबू, दलपुर, डेगहर मझुआ, सिकरा बुजुर्ग, संग्रामपुर, सेमराडीह, मुड़िला मिश्र व हरिबंधपुर गांव के किसानों को खेतों में बोई फसलों को लावारिस पशुओं से बचाने के लिए रात-रात भर जागकर रखवाली कर रहे हैं। रात के समय चौराहों से खेतों की ओर जाने वाले पशुओं के झुंड फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। कड़ाके की ठंड में बीते 12 जनवरी की रात में सेमरा डिहवा गांव निवासी 45 वर्षीय किसान राम पाल मिश्रा की छुट्टा पशुओं से खेत की रखवाली करते हुए ठंड से मौत भी हो चुकी है। उसके बाद भी प्रशासन के लोग नहीं जागे। क्षेत्र के किसान छुट्टा पशुओं से निजात दिलाने की मांग की 15 जनवरी को खंड विकास अधिकारी भनवापुर रामदेव भारती से कर चुके हैं। लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। ऐसे में किसान गेहूं की फसल को बचाने के लिए बारी-बारी से रखवाली कर रहे हैं। बिस्कोहर निवासी किसान विसम्भर प्रजापति ने कहा कि प्रशासन व सरकार को उचित व्यवस्था करनी चाहिए। हरिबंधनपुर निवासी किसान अनिल चौधरी ने कहा कि रात को खेतों में लावारिस पशु टोलियों के साथ पहुंच जाते हैं और खेत में फसल को तहस-नहस कर देते हैं। साल दर साल इनकी संख्या बढ़ रही है। अकेला किसान इन पशुओं को खेत से खदेेड़ भी नहीं सकता है। इसलिए समूह बनाकर पहरा देना पड़ता है। बीडीओ भनवापुर रामदेव भारती ने कहा कि पांच दिन पहले सिकौथा ग्राम पंचायत के प्रधान भारत और ग्राम पंचायत अधिकारी श्याम बहादुर यादव को पत्र दिया गया है कि संबंधित गांवों के छुट्टा पशुओं को सिकौथा गौशाला में लाकर रखवाए, लेकिन दोनों लोग आदेश का उल्लंघन कर रहे हैं।