प्रदर्शन करते इटवा तहसील परिसर में पैदल जाते कांग्रेस पार्टी के नेता व समर्थक। संवाद
इटवा। मनरेगा के मूल स्वरूप की बहाली की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में पदयात्रा निकाली। पदयात्रा का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने किया। यह यात्रा इटवा के करहिया पुल से प्रारंभ होकर इटवा ब्लॉक, इटवा चौराहा से होते हुए बिस्कोहर मार्ग के रास्ते इटवा तहसील पहुंची, जहां महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार इटवा को सौंपा गया।
इसमें कहा गया है कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के लिए जीवनरेखा है। योजना से महात्मा गांधीजी का नाम हटाना और उनके विचारों और श्रमिक हितों का अपमान है। मांग की कि मनरेगा में काम की गारंटी, मजदूरी की गारंटी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा सभी हालिया बदलावों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
प्रदेश सचिव डॉ. नादिर सलाम, मनरेगा कोऑर्डिनेटर राजन श्रीवास्तव और जिला उपाध्यक्ष कृष्ण बहादुर सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से श्रमिकों और वंचित वर्ग के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है। मनरेगा के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार को श्रमिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए योजना को पूर्ववत लागू करना चाहिए।
पदयात्रा में अनिल सिंह अन्नू, सादिक अहमद, ज्ञानेंद्र पांडेय, पंकज चतुर्वेदी, सतीश चंद्र त्रिपाठी, इश्तियाक चौधरी, गालिब बिसेन सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।