सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश किसान सभा जिला इकाई ने बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा कृषि, स्वास्थ्य, रेलवे, बिजली आदि सार्वजनिक संस्थानों को निजीकरण कर रही है।
इससे गरीब किसानों और मजदूरों के समक्ष भुखमरी की नौबत खड़ी हो गई है। इसके समाधान को लेकर राष्ट्र व्यापी हड़ताल का किसान सभा समर्थन करते हुए राष्ट्रपति के नाम संबोधित 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
जिलाध्यक्ष श्याम लाल वर्मा ने कहा कि चार लेबर कोड कानून और बीवी जीरामजी कानून रद्द करें। मनरेगा कानून वापस लाओ और मजदूरों को 200 दिन का काम तथा मजदूरी 700 रुपये दिया जाए। किसानों को एमएसपी की गारंटी काम के घंटे का न बढ़ाया आठ घंटे ही रखे तथा संविदा कर्मी आशा बहू, रसोइया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 26 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। किसानों को सस्ते दर पर खाद उपलब्ध कराया जाए।
देश की एकता, अखंडता एवं अमन शांति में खलल डालने वाले लोगों पर कार्रवाई हो। ़