81 दिन लंबित रखा आवेदन, पात्र लाभार्थी को नहीं मिला शादी का अनुदान
- डीएम के निर्देश पर समाज कल्याण अधिकारी ने जांचकर भेजी रिपोर्ट
- कंप्यूटर ऑपरेटर दोषी, ग्राम सचिव पर भी लापरवाही का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बेटी की शादी के लिए सरकारी सहयोग की आस लगाए पात्र लाभार्थी के आवेदन को ब्लॉक कर्मियों ने निर्धारित समय में आगे नहीं भेजा, जिससे वह अनुदान पाने से वंचित रह गई। जिला समाज कल्याण अधिकारी की जांच में कंप्यूटर ऑपरेटर पर आवेदन 81 दिन तक रोके रखने की पुष्टि हुई। वहीं, पीड़ित लाभार्थी ने ग्राम पंचायत अधिकारी पर लापरवाही एवं धन मांगने का आरोप लगाया है।
मिठवल ब्लॉक के रमवापुर दुबे गांव निवासी पुष्पा ने बेटी की शादी के लिए शादी अनुदान के तहत 15 दिसंबर 2021 को आवेदन किया था। ग्राम पंचायत अधिकारी पंचराजी ने 30 दिसंबर 2021 को उसके पात्र होने की पुष्टि करते हुए आवेदन आगे बढ़ा दिया। ब्लॉक कार्यालय में संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर बंशीधर मिश्र ने 81 दिन बाद 29 मार्च 2022 को खंड विकास अधिकारी का डिजिटल हस्ताक्षर कर आवेदन की हार्डकापी समाज कल्याण अधिकारी को उपलब्ध कराया, जबकि ऑनलाइन आवेदन के 21 दिन के अंदर इसकी हार्डकापी और संलग्नक जमा हो जाना अनिवार्य है, नहीं जमा होने की दशा में 21 दिन बाद आवेदन पत्र निरस्त हो जाता है। इसी कारण पात्र होने के बावजूद पुष्पा को बेटी की शादी के लिए सरकारी अनुदान नहीं मिल सका। जिसके बाद उसने जनता दरबार में शिकायत देकर मामले की जांच की गुहार लगाई। साथ ही डीएम संजीव रंजन को भी शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। डीएम के निर्देश पर जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने प्रकरण की जांच की। उन्होंने डीएम को भेजे जांच रिपोर्ट में ग्राम पंचायत अधिकारी को निर्धारित समय में रिपोर्ट लगाने और कंप्यूटर ऑपरेटर पर आवेदन रोके रखने के आरोप की पुष्टि की है। उन्होंने कंप्यूटर ऑपरेटर की कार्यशैली को प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताया है।
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सचिव पर लगाया गंभीर आरोप
पीड़ित पुष्पा ने दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि शादी अनुदान की रिपोर्ट लगाने में ग्राम पंचायत सचिव ने शुरूआत में आनाकानी की। इसकी शिकायत उच्चधिकारियों से करने पर सचिव ने रिपोर्ट तो लगा दी, लेकिन शिकायत करने से नाराज होकर आवेदन में अड़ंगा लगाने लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण निर्धारित समय में आवेदन की हार्ड कापी आगे नहीं भेजी गई, जिससे वह पात्र होने के बाद भी अनुदान की धनराशि पाने से वंचित रह गई।
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पिछले वर्ष के आवेदन पर नहीं मिलेगा धन
जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता का कहना है कि पिछले वित्तीय वर्ष में किए गए आवेदन पर इस वर्ष विचार नहीं किया जा सकता। शासन के नियमों के अनुसार वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद पिछले वित्तीय वर्ष की कोई मांग पर अगले वित्तीय वर्ष में अनुदान नहीं दिया जा सकता। इसलिए इस मामले में लाभार्थी को शादी अनुदान की धनराशि नहीं दी जा सकती।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शासन की मंशा के अनुसार सभी पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।
- संजीव रंजन, जिलाधिकारी