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बारिश और ओलावृष्टि से बढ़ गई ठंड और गलन

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बारिश और ओलावृष्टि से बढ़ गई ठंड और गलन
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-बृहस्पतिवार रात में आंधी से गिरे पेड़ और बिजली के खंभे
सिद्धार्थनगर। तेज हवा के बीच जोरदार बारिश, ओलावृष्टि के कारण ठंड और गलन बढ़ गई है। जिले में शुक्रवार को सुबह से देर शाम तक बादल छाए रहे और रुक रुककर बारिश होती रही। बृहस्पतिवार की रात में आंधी इतनी तेज थी कि कई क्षेत्रों में पेड़ और बिजली के खंभ उखड़ गए। ओलावृष्टि से भी बहुत नुकसान हुआ है। बेमौसम बारिश से मौसम अधिक सर्द हो गया है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री और अधिकतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की औसत रफ्तार 26-27 किमी प्रति घंटा रही, जबकि बृहस्पतिवार रात में आंधी के दौरान हवा की रफ्तार करीब 40 किमी प्रति घंटे रही। 24 घंटे में 17 मिमी . बारिश दर्ज की गई।
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राज्य कृषि मौसम केंद्र प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पांच फरवरी से तराई क्षेत्र में मौसम साफ होने का पूर्वानुमान है। न्यूनतम तापमान में वृद्धि होने के कारण ठंड अधिक रहेगी, जबकि आसमान साफ होने पर धूप से राहत मिलेगी।
धूप से राहत नहीं, बारिश से हुई परेशानी
शुक्रवार की सुबह 9 बजे सूर्य दिखे तो ठंड से राहत की उम्मीद जगी, लेकिन कुछ देर बाद ही रिमझिम बारिश होने लगी। जो लोग बिना छतरी व रेनकोट के घर से बाहर निकले थे, उन्हें परेशान होना पड़ा। मौसम अधिक सर्द होने के कारण लोगों को दिन भर रूम हीटर जलाने की नौबत आई। संयुक्त जिला अस्पताल व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अलाव के इंतजाम पर बारिश ने पानी फेर दिया है। अलाव के लिए रखी गई लड़कियां भी भीग गईं हैं।
बारिश से घरों में कैद रहे लोग
बांसी। क्षेत्र के लोग शीतलहर का प्रकोप झेल रहे थे कि बृहस्पतिवार रात आंधी के साथ बारिश और ओले ने ठंड बढ़ा दी। शुक्रवार दिन में भी लोग ठंड से बेहाल दिखे। बहुत जरूरत पड़ने पर ही लोग घर से बाहर निकले। मौसम के कारण लोगों की दिनचर्या बदल गई है।
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क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इस ठंड की मार से सबसे अधिक प्रभावित गरीब है। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था न के बराबर है। पूरे तहसील क्षेत्र में एक दो स्थानों को छोड़कर कहीं भी अलाव की व्यवस्था देखने को नहीं मिल रही है। तहसील क्षेत्र में किसी भी ग्रामीण इलाके में अलाव की व्यवस्था नहीं दिख रही है। पशु, पक्षी व राहगीर सभी ठंड से बेहाल हैं। गोल्हौरा क्षेत्र में लेखपाल कमलेश मिश्र ने अलाव की व्यवस्था कराई है।
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