फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दावे फेल, जिले में गेहूं खरीद 10 प्रतिशत कम

विज्ञापन
विज्ञापन
दावे फेल, जिले में गेहूं खरीद सिर्फ 10 प्रतिशत
विज्ञापन

सिद्धार्थनगर। गेहूं खरीद के मामले में जिले की स्थिति दयनीय है। खरीद के संबंधित सरकार के सारे दावे फेल दिख रहे हैं। कारण खरीद न के बराबर है, क्योंकि सवा दो माह में खरीद का आंकड़ा 10 प्रतिशत को पार नहीं कर पाया है। शासन की ओर से खरीद बढ़ाने के लिए गांव में मोबाइल खरीद टीम भेजने की कवायद शुरू की गई थी, जो फेल साबित हुई।
किसानों की आय दोगुनी करने और सरकारी खरीद को बढ़ावा देने के लिए सरकारी सहकारी समितियां सक्रिय हैं। जिले में एक अप्रैल से सरकारी क्रय केंद्र सक्रिय कर दिए गए थे। खरीद के लिए विभिन्न संस्थाओं के 133 क्रय केंद्र बनाए थे। जिले को 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला था। लेकिन आकड़े चौकाने वाले हैं। जिले में अभी तक 90 हजार के सापेक्ष 8173 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है 20 दिन खरीद को शेष बचे हैं। ऐसे में लक्ष्य कैसे पूरा होगा इसे समक्ष सकते हैं। वहीं, विभागीय लोगों का कहना है कि बाजार में अच्छा भाव मिलने के कारण किसान सरकारी क्रय केंद्र पर बेचने से परहेज कर रहा है। अगर बाजार में दर कम होता तो केंद्र पर खरीद सही होती है। इसलिए जिले में खरीद स्थिति कमजोर है और अभी तक 9.08 प्रतिशत ही खरीद हुआ है। इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि किसानों को जागरुक किया गया। जो भी किसान तौल के लिए आया उसकी खरीद की गई है।
विज्ञापन

---
सरकारी केंद्र से किसानों का मोह भंग
बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की फसल का उत्पादन जिले में कम हुआ। लगातार बारिश के चलते किसानों की भारी क्षति हुई। वहीं, बीते वर्ष क्रय केंद्र पर कई दिनों चक्कर लगाने के बाद तौल करा पाने वाले किसानों को भूला नहीं था। बाजार रेट में बहुत कम अंतर होने के नाते वह सरकारी केंद्र पर जाने के बजाए सीधे अढ़तियों के संपर्क किए। हुआ यह कि अढ़तिए बाजार को देख रहे थे इसलिए घर पर ही खरीद शुरू कर दी। किसानों को ले जाने की भी समस्या से मुक्ति मिल गई। इसलिए वह घर पर तौल कर नकद लेकर बगल हो गए।
विज्ञापन

---
लाखों की संख्या में हैं किसान
किसान सम्मान निधि के आकड़ों पर गौर करें तो जिले में पौने चार लाख किसान योजना का लाभ ले रहे हैं। जो कृषि विभाग के आकड़ों में दर्ज हैं। लेकिन गेहूं खरीद में हुए पंजीकृत किसानों के आकड़ें चौकने वाले हैं। सरकारी केंद्र पर इसवर्ष महज 1347 किसानों ने अपनी उपज को बेचा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें